Darbhanga Jail Escape: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार के दरभंगा मंडल कारा से एक कैदी पुलिस को चकमा देकर दीवार फांदकर भाग निकला। हालांकि, भागने के दौरान वह घायल हो गया और बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल कैदी को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां उसके पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद फरमान साह नामक कैदी सीढ़ी का इस्तेमाल कर जेल की ऊंची दीवार फांद रहा था। इस दौरान वह नीचे कूदने पर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। भागने के बाद वह थोड़ी देर एक झाड़ी में छिपा रहा। इसके बाद पोलो मैदान के पास एक मंदिर में जाकर बैठ गया। पुलिस की गहन खोजबीन के बाद उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया।
मनिगाछी के दरोगा रासदेव सिंह के आवेदन पर मोहम्मद फरमान साह के खिलाफ लहेरियासराय थाना में भागने का मामला दर्ज किया गया है। मोहम्मद फरमान साह मधुबनी जिला के सकरी थाना क्षेत्र के मकसूद गांव का रहने वाला है और मोहम्मद कामरेज साह का पुत्र है। उसे मनिगाछी थाना कांड संख्या 266/26, जो 16 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया था, के मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर मंडल कारा लाया गया था।
जेल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ गई है। आखिर जेल के अंदर से मोहम्मद फरमान पुलिस की नजरों से बचकर कैसे भागा? उस समय वहां तैनात पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे? फरमान को मनिगाछी से दो होमगार्ड के जवान लेकर आए थे, और जेल गेट पर जेल के सिपाही भी मौजूद रहते हैं। इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद, एक कैदी का सीढ़ी के सहारे दीवार फांदकर भाग निकलना सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
बाहरी दीवार पर भीड़: सुरक्षा के लिए खतरा
मंडल कारा की बाहरी दीवार के पास, बस स्टैंड की तरफ सब्जी मंडी और ऑटो लगे रहते हैं, जिससे वहां अत्यधिक भीड़भाड़ रहती है। जेल की सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस जगह पर भीड़ नहीं होनी चाहिए। कुछ साल पहले इसी दीवार के बाहर से एक व्यक्ति को जेल के अंदर नशीली पदार्थ फेंकते हुए पकड़ा गया था। उस घटना के बाद वहां से सभी दुकानों को हटा दिया गया था, लेकिन अब फिर से दुकानें सजने लगी हैं। कई बार प्रशासन द्वारा इन दुकानों को हटाया गया है, लेकिन फुटपाथ के दुकानदार फिर से अपनी दुकानें लगा देते हैं, जो जेल की सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं।







