पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) आज जनता दरबार (CM Nitish Kumar Ka Janta Darbar) में शामिल हुए। सितम्बर महीने के पहले सोमवार को सीएम नीतीश ने गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग, निगरानी, खान भूतत्व और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी शिकायतों को सुना।
मोतिहारी के पताही से आई एक लड़की ने सीएम नीतीश से गुहार लगाई कि उनके पिता को झूठे मुकदमें में फंसा दिया गया। आठ महीनों से पूरा परिवार तबाह है। डीआईजी के आदेश पर भी अमल नहीं किया जा रहा।मोतिहारी के पताही थानाक्षेत्र के जिहुली गांव के एक पत्रकार नीरज कुमार सिंह को हत्या केस में फंसा दिया गया।
पत्रकार की बेटी ने सीएम नीतीश से कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। आठ महीनों से परेशान हैं लेकिन डीएसपी सही जांच नहीं कर रहे। डीआईजी ने हमारे पिता पर दर्ज केस को संदेहास्पद करार दे दिया और नौ बिंदुओं पर जांच के आदेश दिये। इसके बाद भी पकड़ीदयाल डीएसपी जांच में घालमेल कर रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बात सुनने के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाने को कहा। सीएम नीतीश ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव से कहा कि एक पत्रकार की बेटी आई है। इसके पिता को मर्डर केस में फंसाने की शिकायत आई है। इस पूरे मामले को देखिए। मुख्यमंत्री ने पत्रकार की बेटी को कहा कि तुम सबसे बड़े अधिकारी के पास जाकर पूरी बात बताओ। वे पूरे मामले को देखेंगे।
सुपौल से आए फरियादी ने 51 मामलों की सौंपी सूची
सुपौल से एक फरियादी साथ में 51 आरोपों की पोटली लेकर आया। फरियादी ने नीतीश कुमार के सामने बैठते ही आरोप लगाया कि सुपौल जिले में जबरदस्त भ्रष्टाचार है। जिले के डीएम इन भ्रष्टाचारों को बढ़ावा दे रहे हैं।फरियादी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने 51 ऐसे मामलों की सूची सौंपी, जो भ्रष्टाचार से जुड़े हुए हैं।
फरियादी ने आरोप लगाया कि यह मामले उनके व्यक्तिगत नहीं बल्कि जिले से संबंधित है। जिले में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति से जुड़ी योजना में घोटाला किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में भी जिले में जबरदस्त गड़बड़ी का आरोप फरियादी ने लगाया। इतना ही नहीं तालिमी मरकज घोटाले का भी आरोप डीएम के ऊपर लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने तत्काल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस मामले को सामान्य प्रशासन विभाग देखेगा।
जदयू विधायक ने की मेरे पति की हत्या
मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने पति की हत्या का आरोप जदयू विधायक के ऊपर लगाया है। वाल्मीकि नगर की रहने वाली कुमुद वर्मा ने आरोप लगाया है कि जदयू के विधायक रिंकू सिंह ने उनके पति दयानंद वर्मा की हत्या करा दी। इस मामले में अब तक पुलिस रिंकू सिंह के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
कुमुद वर्मा ने कहा कि उनके पति की हत्या 14 फरवरी को कराई गई थी। अपनी ही पार्टी के विधायक के ऊपर लगे हत्या के आरोप को सुनकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीड़ित से बहुत ज्यादा बात तो नहीं की लेकिन उसे तुरंत डीजीपी के पास भेज दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें डीजीपी के पास ले जाइए। डीजीपी सारे मामले को खुद देखेंगे। जदयू विधायक रिंकू सिंह के ऊपर हत्या का जो आरोप लगा है, इसमें वह लंबे अरसे तक भूमिगत भी रहे।
दरोगा ने शादी का झांसा देकर किया यौन शोषण
मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंची पीड़ित ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिकायत करते हुए बताया कि जिसने मेरे साथ ऐसा किया, वो एक दारोगा है। मेरी मेडिकल रिपोर्ट ख़राब की गई है और पुलिस की ओर से बचाया जा रहा है। पहले शादी का झांसा देकर दारोगा ने यौन शोषण किया और अब जान से मारने की भी धमकी दे रहा है।
आरोपित दारोगा किसी जमीन विवाद में केस का आईओ (जांच अधिकारी) भी था। इस युवती के बाद एक अन्य लड़की भी इसी तरह के मामले की शिकायत लेकर सीएम नीतीश के जनता दरबार में पहुंची। पीड़ित का आवेदन लेने के बाद सीएम ने उसकी बात सुनी और उन्होंने देखा कि दोनों मामला एक दूसरे से मिलता-जुलता है। मुख्यमंत्री ने तत्काल दोनों पीड़िता को बिहार के डीजीपी एसके सिंघल के पास भेज दिया।
एसटीएफ के डीएसपी अमन कुमार पर यौन शोषण का आरोप
एसटीएफ के डीएसपी अमन कुमार के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली युवती आज मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में पहुंच गई। पीड़ित ने मुख्यमंत्री के सामने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह पांच महीनों से इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन शिकायत सुनने के बावजूद आरोपित डीएसपी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पीड़ित ने एसटीएफ डीएसपी अमन कुमार के ऊपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
युवती ने मुख्यमंत्री के सामने कहा कि वह बीते शुक्रवार को बिहार के डीजीपी एसके सिंघल के सामने भी फरियाद लेकर पहुंची थी लेकिन डीजीपी ने तो हद ही कर डाला। डीजीपी ने कह दिया कि लड़कियां पहले अपनी अदाओं से लड़कों को फंसाती हैं और फिर बाद में उनके ऊपर आरोप लगाती हैं। पीड़िता की शिकायत सुनते ही सीएम ने उसे पुलिस महानिदेशक के पास भेज दिया।
हथियार का लाइसेंस देने को लेकर डीएम की शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी पर सीएम नीतीश कुमार थोड़े नाराज भी हो गए। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि ले जाओ इसको गृह विभाग के पास। लाइसेंस के लिए डीएम के यहां आवेदन दिया जाता है। चला आया है यहां बंदूक के लाइसेंस के लिए।

















