
बिहार सीएम: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा में एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की कि प्रणवां स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब के नाम से जाने जाएंगे। यह घोषणा उन्होंने श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब राजकीय मेला-2026 के शुभारंभ के अवसर पर की। साथ ही, उन्होंने 19 मई से पंचायत स्तर पर मासिक ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत की भी घोषणा की, जहाँ लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। नालंदा जिले के सरमेरा प्रखंड के प्रणवां गाँव में आयोजित इस राजकीय मेला के शुभारंभ समारोह में स्थानीय जन प्रतिनिधियों, नेताओं और जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
बाबा महतो साहब की विरासत और बिहार सीएम का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सीएम ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार को सजाने और संवारने के कार्यों की सराहना की, जिन्होंने इस मेले को राजकीय दर्जा दिलाया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ की कल्पना को साकार करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बाबा महतो साहब के करीब 800 साल पुराने भाईचारे और आपसी मेल-मिलाप के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया, जो उन्होंने धर्मज्ञान और सदाचार के माध्यम से समाज को दिया था। उन्होंने जोर दिया कि जब बिहार समृद्ध होगा, तभी देश विकसित होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया है, और हमारी सरकार उसी विकास की रूपरेखा को आगे बढ़ा रही है। लोगों को आर्थिक रूप से संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में भी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सहयोग शिविर और बहन-बेटियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग कार्यक्रम’ अभियान के तहत 19 मई से शुरू हो रहे ‘सहयोग शिविर’ की जानकारी दी। इन शिविरों में प्रत्येक माह में 2 दिन पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर लोगों की ब्लॉक, अंचल और थाना से संबंधित समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा के अंदर समाधान किया जाएगा। उन्होंने ‘लड़कियां पढ़ें और सुरक्षित रहें’ के दायित्व पर जोर देते हुए कहा कि सभी स्कूल और कॉलेज के आसपास पुलिस की मुस्तैदी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, बिहार के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहाँ गरीब बच्चों के साथ-साथ मंत्री और पदाधिकारी के बच्चे भी पढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल 2026 को सभी जिलाधिकारियों की बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें मॉडल स्कूलों को इतना आकर्षक बनाने की बात कही गई कि उनमें दाखिला पाने के लिए सांसद, विधायक और पदाधिकारियों के बच्चे भी लालायित रहें। उन्होंने बुद्ध जयंती के अवसर पर शांति और सुशासन के संदेश को भी याद किया, जिसकी स्थापना नीतीश कुमार ने बिहार में की है।
न्याय के साथ विकास को आगे बढ़ाते हुए, नीतीश कुमार ने इस राजकीय मेले के लिए प्रेक्षागृह का निर्माण कराया है और अब मेला आयोजन में कठिनाई न हो, इसके लिए जमीन अधिग्रहण भी किया जाएगा। मुख्य सड़क से मेले स्थल तक पहुँचने के लिए सड़क का निर्माण भी सुनिश्चित कराया जाएगा।
निवेश और रोज़गार के अवसर बढ़ाना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 1 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करने की बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने, बिहार में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने और राज्य को समृद्ध बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि 20 नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मुख्यमंत्री ने सभी से बाबा महतो साहब के संदेश को जीवन में उतारने और समाज में आपसी सौहार्द्र बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित विशाल जनसमूह का अभिनंदन और धन्यवाद किया।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जदयू विधानमंडल दल के नेता सह विधायक श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार और विधायक जितेंद्र कुमार सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सांसद कौशलेंद्र कुमार, सांसद शंभू शरण पटेल, जदयू विधानमंडल दल के नेता सह विधायक श्रवण कुमार, विधायक डॉ० सुनील कुमार, विधायक शीला कुमारी, विधायक जितेंद्र कुमार, विधायक सुरेंद्र मेहता, विधायक ललित कुमार मंडल, विधान पार्षद रीना यादव, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेश कुमार पराशर, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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Bihar CM ने कहा कि 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इसे राजकीय मेले का दर्जा दिए जाने के बाद अब इसका स्वरूप और भी भव्य हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग 800 साल पहले शरण निवास महतो बाबा इसी नालंदा की भूमि पर आए थे और समाज में फैली भेदभाव तथा छुआछूत को समाप्त करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि बाबा का यह संदेश आज भी सामाजिक समरसता के लिए प्रेरणास्रोत है।
सामाजिक समरसता और राजकीय मेले का महत्व
सीएम सम्राट चौधरी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अब लोगों को थाना, अंचल और ब्लॉक कार्यालयों में समस्याओं का समाधान मिलेगा। उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को सख्त निर्देश दिए कि जब तक हमारी बेटियां स्कूल या कॉलेज से घर नहीं लौट जातीं, तब तक पुलिस चैन से नहीं बैठेगी। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षा और रोजगार पर Bihar CM का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए घोषणा की कि बिहार के हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे। इन स्कूलों में गरीब के बच्चे पढ़ेंगे और नेता-अधिकारी के बच्चे दाखिले के लिए तरसेंगे। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक कार्यकर्ता इन स्कूलों में दाखिले के लिए पैरवी करने लगेंगे, तभी समझेंगे कि हमारा सपना साकार हो गया है। Bihar CM ने युवाओं को आश्वासन देते हुए कहा कि वर्ष 2025 से 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरियां देने का वादा पूरी तरह पूरा किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मेले में उमड़ी भीड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। दो दिवसीय इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मेला-घुम्मकड़ों और विभिन्न स्टॉलों के साथ खूब चहल-पहल रहेगी, जिससे स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।








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