Agniveer Future: इंडियन आर्मी ने अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इसके साथ ही लाखों युवाओं के मन में अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है: सेना में चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उनके लिए आगे क्या विकल्प होंगे? अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.
अग्निवीरों का भविष्य: 4 साल बाद क्या होगा?
अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों को सिर्फ चार साल के लिए सेवा का मौका मिलता है. इस अवधि के बाद, उनमें से एक-चौथाई यानी 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही सेना में स्थायी पोस्टिंग मिल पाती है. इन अग्निवीरों का चयन उनके ऑपरेशनल एप्टीट्यूड, हथियार कौशल, शारीरिक फिटनेस और अन्य स्किल्स में प्रदर्शन के आधार पर होता है, जिसके बाद उन्हें 15 साल की पूर्ण सेवा का अवसर मिलता है.






शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर, जो चार साल बाद सेना से रिटायर हो जाएंगे, उन्हें रिटायरमेंट पर 11.71 लाख रुपये का फंड दिया जाता है. इस योजना में रिटायर होने वाले जवानों के लिए पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है. अग्निवीरों का पहला बैच, जिसकी भर्ती 2023 में हुई थी, वह जुलाई 2026 में अपनी चार साल की सेवा पूरी करके सेवानिवृत्त हो रहा है. ऐसे में इन अग्निवीरों के लिए सरकार ने कई नौकरियों के विकल्प खोले हैं.
अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा आरक्षण और छूट
पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य और केंद्र सरकारें सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण और छूट दे रही हैं. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चार साल की सेवा के बाद उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें.
- राज्य सरकारों का सहयोग: हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की घोषणा की है. हरियाणा ने कुछ विशेष पदों पर 20 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान किया है.
- दिल्ली पुलिस में आरक्षण: दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित हैं. इसके साथ ही उन्हें उम्र सीमा और फिजिकल टेस्ट में भी छूट दी जा रही है.
- केंद्रीय गृह मंत्री का पत्र: मार्च 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर 2027 में चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने का आग्रह किया है. कई राज्य सरकारें पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुकी हैं.
- केंद्रीय बलों में आरक्षण: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पूर्व-अग्निवीरों के लिए ग्रुप सी के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. इन पदों पर उन्हें फिजिकल टेस्ट से भी छूट मिलती है.
- रेलवे और अन्य क्षेत्रों में अवसर: रेलवे में लेवल-1 के पदों पर 10 प्रतिशत और लेवल-2 के पदों पर 5 प्रतिशत आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए रखा गया है. इसके अलावा, कॉस्ट गार्ड और डिफेंस पीएसयू में भी सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है.
सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना की घोषणा करते समय ही यह स्पष्ट किया था कि रिटायर होने वाले अग्निवीरों को पैरामिलिट्री फोर्स, असम राइफल्स सहित राज्य सरकारों के पुलिस बल में आरक्षण दिया जाएगा. इन सभी प्रावधानों से अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद भी एक सम्मानजनक और सुरक्षित करियर पथ मिलेगा.








