Bihar Highway: बिहार के लाखों लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलेगी। भागलपुर और बांका जिलों के बीच की यात्रा अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुरक्षित होने वाली है। बिहार सरकार ने भागलपुर-अमरपुर-बांका स्टेट हाईवे-25 के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 239.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 44 किलोमीटर लंबी यह सड़क पेव्ड शोल्डर वाली टू-लेन सड़क में बदल जाएगी।
वर्षों से जर्जर और संकरी सड़क के कारण होने वाले जाम, दुर्घटनाओं और लंबी यात्रा की परेशानी अब खत्म होने की उम्मीद है। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद, टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और निर्माण एजेंसी के चयन के बाद काम तेजी से आगे बढ़ेगा।






भागलपुर-बांका स्टेट हाईवे का बदलेगा स्वरूप, सफर होगा आसान
पथ निर्माण विभाग ने भागलपुर-अमरपुर-बांका मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत स्टेट हाईवे-25 को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) इस सड़क का निर्माण कार्य कराएगा। वर्तमान में यह सड़क कई जगहों पर बेहद संकरी और जर्जर है, जिससे बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। बड़े वाहनों और स्थानीय यातायात के कारण अक्सर जाम लगता है, और सड़क की खराब दशा कई दुर्घटनाओं का कारण भी बनती रही है।
नई परियोजना से सड़क पेव्ड शोल्डर सहित टू-लेन बनेगी, जिससे वाहनों के साथ पैदल चलने वालों को भी पर्याप्त जगह मिलेगी। सड़क किनारे सुरक्षित स्थान मिलने से दुर्घटनाओं की आशंका काफी कम हो जाएगी। पथ निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यदि यह कार्य तय समय पर पूरा होता है, तो भागलपुर और बांका के बीच यात्रा पहले की तुलना में बहुत अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। भारी वाहनों का संचालन भी आसान हो जाएगा, जिससे परिवहन व्यवस्था में सुधार आएगा और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
भागलपुर में जलजमाव से मुक्ति और तिलकामांझी चौक पर तिरंगा
भागलपुर शहर के लिए दो अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी गति पकड़ रही हैं। तिलकामांझी चौक पर जल्द ही एक विशाल हाईमास्ट राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाएगा। नगर निगम ने इस 18.52 लाख रुपये की योजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इच्छुक एजेंसियां 5 अगस्त तक आवेदन कर सकती हैं। नगर निगम का मानना है कि यह विशाल तिरंगा चौक की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ शहर की पहचान और देशभक्ति का प्रतीक भी बनेगा।
इसके अलावा, शहर में हर साल बरसात के दौरान होने वाली जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी तेजी आई है। करीब 142 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बुडको ने कंसल्टेंट एजेंसी का चयन कर लिया है, जो जल्द ही शहर के विभिन्न इलाकों का सर्वे और स्थलीय निरीक्षण करेगी। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे शहरवासियों को बरसात के दौरान जलभराव से बड़ी राहत मिलेगी।
परियोजनाओं का लाभ और आगे की राह
भागलपुर-अमरपुर-बांका मार्ग दोनों जिलों को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग और बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन गुजरते हैं। सड़क बेहतर होने से कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय बाजारों तक पहुंचने में समय की बचत होगी। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इन सभी परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की होगी कि वे तय समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के साथ कार्यों को पूरा करें, ताकि लोगों को इन सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।








