भारतीय नाविक: यूक्रेन युद्ध के बीच ओडेसा बंदरगाह पर एक बार फिर वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया है। इस हमले में ‘एमवी एजीएन रैग्नर’ नामक जहाज पर सवार चार भारतीय नागरिकों में से दो लापता हो गए हैं, जबकि दो अन्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। भारत सरकार ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
शनिवार को हुए इस भीषण हमले के बाद यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने जारी बयान में पुष्टि की कि हमले के समय जहाज पर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे। ताजा जानकारी के अनुसार, दो भारतीयों का पता चल गया है और वे सुरक्षित हैं, लेकिन अन्य दो भारतीय नाविकों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।






दूतावास ने स्पष्ट किया कि लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय दूतावास संबंधित यूक्रेनी अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि सभी लापता नाविकों का पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जा सके।
यूक्रेन जंग का कहर: ओडेसा बंदरगाह पर फिर हमला, 2 भारतीय लापता, परिवारों में मचा हाहाकार!
Bihar Indians Ukraine: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हाल ही में हुए एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले ने बिहार समेत देशभर के भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस हमले के दौरान ‘एमवी एजीएन रैग्नर’ नामक जहाज पर चार भारतीय नागरिक सवार थे। भारतीय दूतावास ने बताया है कि इनमें से दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि अन्य दो के बारे में जानकारी का अभी इंतजार है।
यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास 25 जुलाई से ही इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार को ओडेसा बंदरगाह को निशाना बनाकर किए गए इस हमले के बाद से ही बचाव अभियान जारी है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि लापता चालक दल के सदस्यों का पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जा सके।
ओडेसा बंदरगाह पर हमले और भारतीयों की सुरक्षा
काला सागर क्षेत्र में स्थित ओडेसा यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से इसे कई बार निशाना बनाया जा चुका है। कुछ समय पहले भी रूस ने ओडेसा बंदरगाह पर एक जहाज को निशाना बनाया था, जिसमें चार नाविकों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भारत ने रूस के राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया था। अब दोबारा हुए इस हमले ने भारत की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
अभी तक इस हमले को अंजाम देने वाले की पहचान नहीं हो पाई है और न ही जहाज पर सवार चार भारतीय नागरिकों की पहचान सार्वजनिक की गई है।
विदेश मंत्रालय की चेतावनी और सुरक्षा उपाय
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी कर इस क्षेत्र में समुद्री यात्रा करने वाले जहाजों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिमों की चेतावनी दी थी। एडवाइजरी में कहा गया था कि मिसाइल और ड्रोन हमलों सहित कई खतरों का सामना वाणिज्यिक जहाजों को करना पड़ रहा है। अप्रैल से ऐसे हमलों में वृद्धि देखी गई है, जिसमें पांच भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है।
एडवाइजरी में इस क्षेत्र में काम करने वाले नाविकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी गई थी। इसमें नियोक्ताओं, भर्ती एजेंसियों और जहाज संचालकों से जहाज के मार्ग, पड़ाव बंदरगाहों, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवरेज और आपातकालीन प्रतिक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने पर जोर दिया गया था।
भारतीय दूतावास ने नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं। ये नंबर उन भारतीय नाविकों के लिए हैं जिन्हें कांसुलर सहायता की आवश्यकता हो सकती है:
| दूतावास | आपातकालीन नंबर |
|---|---|
| रूस स्थित भारतीय दूतावास | +7 9652773414 |
| यूक्रेन में भारतीय दूतावास | +38 0933559998 |
इन नंबरों के जरिए भारतीय नागरिक किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क कर सकते हैं, जिससे यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। लापता भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी हैं, जिससे उनके परिवारों की चिंताएं कम हो सकें।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले, भारत जता चुका है विरोध
यह पहली बार नहीं है जब ओडेसा बंदरगाह को निशाना बनाया गया हो। कुछ दिनों पहले भी इसी बंदरगाह पर हुए एक रूसी हमले में चार नाविकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत ने रूस के राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। काला सागर क्षेत्र में स्थित ओडेसा यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है और 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से इसे कई बार निशाना बनाया जा चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग पर खतरा बढ़ गया है।
भारतीय नाविकों के लिए सरकार की खास एडवाइजरी
ओडेसा में भारतीय जहाज पर हुए इस ताजा हमले ने भारतीय विदेश मंत्रालय की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। मंत्रालय ने कुछ समय पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें इन जलक्षेत्रों में चलने वाले वाणिज्यिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों जैसे गंभीर सुरक्षा जोखिमों से आगाह किया गया था। अप्रैल महीने से वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों में वृद्धि देखी गई है, जिसमें दुखद रूप से पांच भारतीय नाविकों की जान भी जा चुकी है।
एडवाइजरी में भारतीय नाविकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और कई एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। इसमें नियोक्ताओं, भर्ती एजेंसियों और जहाज संचालकों से जहाज के मार्ग, रुकने वाले बंदरगाहों, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवरेज और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी लेने को कहा गया है।
किसी भी आपात स्थिति में कांसुलर सहायता के लिए भारतीय दूतावासों के आपातकालीन नंबर भी जारी किए गए हैं:
- रूस स्थित भारतीय दूतावास: +7 9652773414
- यूक्रेन में भारतीय दूतावास: +38 0933559958
ओडेसा में हुए इस नए हमले और दो भारतीय नाविकों के लापता होने की खबर ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार और दूतावास लापता नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं, लेकिन इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की यात्रा अब भी बेहद जोखिम भरी बनी हुई है।








