Bihar Minister: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी सियासी घमासान के बीच, बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि कुछ देश भारत में अस्थिरता और अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री जायसवाल ने सीधे तौर पर अमेरिका, चीन और पाकिस्तान पर भारत की शांति को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘अमेरिका, चीन और पाकिस्तान जैसे देश भारत की शांति को प्रभावित करना चाहते हैं।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की जनता सब समझती है और समय आने पर सही फैसला लेगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब नीट परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है।






नीट पेपर लीक और विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप
नीट पेपर लीक मामले पर बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में हर साल करीब 25 लाख छात्र नीट परीक्षा देते हैं। उनके मुताबिक, एक सॉल्वर गैंग और कुछ प्रभावशाली लोगों ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया है। जायसवाल ने जांच एजेंसियों से यह भी देखने की मांग की कि क्या इस पूरे मामले में किसी विपक्षी राजनीतिक दल की भूमिका रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप जायसवाल ने इसे ‘स्वागत योग्य कदम’ बताया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है, जो दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।
पश्चिम बंगाल हिंसा और टीएमसी सरकार पर निशाना
मंत्री दिलीप जायसवाल ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट, 2026’ के तहत दर्ज सात एफआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता लंबे समय तक टीएमसी सरकार को झेल चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार गुंडागर्दी पर रोक लगाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना को किया याद
इससे पहले, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने भारतीय सेना के शौर्य को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने जिस बहादुरी से जवाब दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। जायसवाल ने युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के वीर सैनिकों के साहस और पराक्रम का प्रतीक है।
जेडीयू सांसद ने भी विपक्ष को घेरा
नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामायत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कामायत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही छात्रों के आंदोलन को संवेदनशील मुद्दा बता चुके थे और उन्होंने छात्रों के प्रति सहानुभूति भी जताई थी। उन्होंने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कामायत ने यह भी कहा कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए संसद में सख्त कानून भी बनाया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर छात्र आंदोलन को भड़काने का काम करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, छात्रों की मांगों को देखते हुए ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है।
यह पूरा घटनाक्रम नीट पेपर लीक के बाद पैदा हुए राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, जिसमें अब अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विपक्षी भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।








