Bihar Flood Alert: गंगा की संभावित बाढ़ से भागलपुर के लाखों लोगों को सुरक्षित रखने वाला इस्माइलपुर बिंटोली तटबंध इन दिनों भारी खतरे में है। तटबंध के स्पर संख्या-1 और 2 के बीच बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा हो गया है, जिससे ‘बिहार फ्लड अलर्ट’ की आशंका बढ़ गई है। भूसा, मक्का का लारा, जलावन की लकड़ियाँ और अन्य सामग्री यहाँ बेतरतीब ढंग से जमा कर दी गई हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण जल संसाधन विभाग को तटबंध की नियमित निगरानी, निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कार्य करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, जल संसाधन विभाग ने इस्माइलपुर अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को कई बार लिखित आवेदन भेजकर तटबंध को अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया है। हालाँकि, इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस उदासीनता से विभागीय अधिकारियों और स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता है।






प्रशासन की लापरवाही, पिछली आपदा की यादें
स्थानीय लोगों का कहना है कि तटबंध पर यह अतिक्रमण कोई नई बात नहीं है। कुछ साल पहले भी इसी तरह भूसा और अन्य सामग्री रखे जाने के कारण तटबंध की निगरानी प्रभावित हुई थी। समय पर निरीक्षण न होने के कारण चूहों ने तटबंध के भीतर बड़े-बड़े बिल बना लिए थे, जिससे तटबंध कमजोर होकर क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय तटबंध टूटने से लाखों की आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई थी, किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं और घरों में पानी घुस गया था। सरकार को तटबंध की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च करने पड़े थे।
ग्रामीण नेपाली यादव ने बताया, ‘कई बार तटबंध पर कब्जा किए लोगों से सामान हटाने का अनुरोध किया गया, लेकिन उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में फिर से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।’
बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध को पूरी तरह खाली और सुरक्षित रखना बेहद ज़रूरी माना जाता है। ऐसे में लगातार शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण न हटना प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
तत्काल कार्रवाई की मांग, क्या प्रशासन बड़ी आपदा का इंतजार कर रहा है?
स्थानीय लोग अब जिला प्रशासन, अंचल प्रशासन और पुलिस से संयुक्त अभियान चलाकर तटबंध को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनकी अपील है कि संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएँ। जब जल संसाधन विभाग ने लिखित रूप से प्रशासन को अवगत करा दिया है, तो फिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी आपदा का इंतजार कर रहा है, या फिर ज़िम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही तटबंध की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है? ये सवाल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुके हैं।
भागलपुर में अवैध हथियार के साथ एक गिरफ्तार
एक अन्य घटनाक्रम में, भागलपुर के गोराडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अपराधी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गोराडीह थाना क्षेत्र के जिलेबिया मोड़ के पास एक अपराधी अवैध हथियार के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस को देखते ही अपराधी भागने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








