Bihar Administrative Reforms: बिहार के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर, भाप्रसे. को 29 जुलाई को एक गरिमामय समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। राज्य में हुए Bihar Administrative Reforms में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, भाप्रसे. ने इस समारोह का आयोजन किया। पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यालय में पदस्थ सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।







समारोह का शुभारंभ मुख्य जांच आयुक्त श्री दीपक कुमार सिंह, भा.प्र.से. के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धियों और प्रशासनिक सुधारों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें श्री बी. राजेन्दर के कार्यकाल के दौरान हुए महत्वपूर्ण बदलावों को दर्शाया गया।

प्रशासनिक दक्षता और नवाचारों का नया अध्याय
बी. राजेन्दर के नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग ने कई महत्वपूर्ण सुधारों और नवाचारों को लागू किया। इसमें अभिलेखों का वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित प्रबंधन, HRMS, सहयोग पोर्टल तथा ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख रहा। इन्हीं प्रयासों के चलते सामान्य प्रशासन विभाग और बिपार्ड, गया को आईएसओ प्रमाणन मिला, वहीं बिपार्ड, पटना ने भी हाल ही में यह उपलब्धि हासिल की है।
मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने श्री बी. राजेन्दर के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, उत्कृष्ट नेतृत्व और राज्य प्रशासन के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा, ‘उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।’
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने बी. राजेन्दर के अनुशासित व्यक्तित्व, समयपालन, प्रशासनिक दक्षता और त्वरित निर्णय क्षमता की खूब प्रशंसा की। उन्होंने जोर दिया कि श्री राजेन्दर के नेतृत्व में विभाग ने प्रशासनिक सुधारों और संस्थागत नवाचारों में मील के पत्थर स्थापित किए हैं।
जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता: बी. राजेन्दर का संदेश
अपने विदाई संबोधन में श्री बी. राजेन्दर ने अधिकारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्चतम मानक स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने आमजन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और शासकीय कार्यों एवं फाइलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
श्री बी. राजेन्दर ने कहा, ‘सुशासन की वास्तविक पहचान संवेदनशीलता, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समयबद्ध कार्य संस्कृति में निहित है। अधिकारियों को सदैव जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।’
इस अवसर पर बी. राजेन्दर की धर्मपत्नी जया भी उपस्थित रहीं, जिन्हें उन्होंने अपनी प्रशासनिक यात्रा की सफलता का सबसे बड़ा संबल बताया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बी. राजेन्दर को स्मृति-चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके स्वस्थ, सुखद एवं यशस्वी भावी जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। यह समारोह बिहार के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ संपन्न हुआ।









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