बिहार कैबिनेट की मुहर: 22 हजार आंगनबाड़ी नौकरियां, इन जिलों में विकास की बहार!
Bihar Cabinet: बुधवार को बिहार कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिलाओं के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की बहाली को मंजूरी दी गई। इन नियुक्तियों से न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।






लाखों घरों तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के तहत दो महत्वपूर्ण जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से लाखों परिवारों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा, साथ ही शहरी आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी।
| परियोजना का नाम | अनुमानित लागत |
|---|---|
| लखीसराय जलापूर्ति परियोजना | ₹150.96 करोड़ |
| किशनगंज जलापूर्ति परियोजना | ₹53.71 करोड़ |
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस निर्णय पर जोर देते हुए कहा है कि उनकी सरकार हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
हमारी सरकार हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
चीनी मिलों को मिलेगी नई जान, युवाओं को रोजगार
मिथिलांचल के औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देने और गन्ना किसानों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलें तथा गन्ना उपोत्पाद (By-products) आधारित उद्योगों की स्थापना को स्वीकृति मिली है। इस पहल से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
जमुई में बनेंगे दो बड़े पुल, सुधरेगा संपर्क
पथ निर्माण विभाग द्वारा जमुई जिले में NH-333A पर दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण परियोजनाओं को भी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन पुलों के निर्माण से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, आवागमन सुगम बनेगा तथा स्थानीय व्यापार, कृषि एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
| पुल का स्थान | नदी | अनुमानित लागत |
|---|---|---|
| खैरा-सोनो पथ के 72वें किमी पर नरियाना घाट | क्यूल नदी | ₹93.82 करोड़ |
| खैरा-सोनो पथ के 80वें किमी पर मंगोबंदर | सुकनर नदी | ₹55.96 करोड़ |
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में बताया कि उनकी सरकार आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
हमारी सरकार आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
सब्जी किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा
बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के अंतर्गत वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना को भी स्वीकृति मिली है। इसके तहत प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण किया जाएगा, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी और रीफर वाहनों की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे सब्जी उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
वेजफेड के सुदृढ़ीकरण के लिए 106.39 करोड़ मंजूर, त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था होगी मजबूत
राज्य में सब्जी उत्पादक किसानों को राहत देने और विपणन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ‘बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना’ के तहत वेजफेड (VEGFED) की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के विस्तार हेतु ₹106.39 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके जरिए प्रखंड स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी की उपलब्धता तथा सब्जियों के सुरक्षित परिवहन के लिए रीफर वाहनों की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
कैबिनेट के इन फैसलों से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा। सरकार का यह कदम राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। खबर अपलोड हो रही है








