Bihar Anganwadi centers के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य में बड़ा कदम उठाया गया है। अब विकसित भारत और समेकित बाल विकास सेवाएं योजना के आपसी समन्वय से राज्य भर में आधुनिक भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, जिस पर प्रत्येक केंद्र के लिए 12 लाख रुपये तक की राशि खर्च की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य नौनिहालों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक माहौल देना है।
6,987 नए भवनों के निर्माण का लक्ष्य
ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने सभी जिलाधिकारियों और जिला कार्यक्रम समन्वयकों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। आधिकारिक योजना के तहत पूरे राज्य में कुल 6,987 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण पूरा किया जाना है। यह परियोजना राज्य के सभी 533 ब्लॉकों और 8,050 पंचायतों के अंतर्गत चलाई जा रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
भवन निर्माण के लिए तय किए गए मानक
प्रत्येक नए आंगनबाड़ी केंद्र भवन का क्षेत्रफल कम से कम 800 वर्ग फुट या उससे अधिक निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य के लिए विवाद-मुक्त और उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। प्राथमिकता के तौर पर ऐसे स्थलों का चयन किया जा रहा है जो सरकारी विद्यालय परिसर के भीतर स्थित हों, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिसर मिल सके।
| योजना का विवरण | निर्धारित पैमाने व लक्ष्य |
|---|---|
| कुल प्रस्तावित केंद्र | 6,987 आंगनबाड़ी भवन |
| प्रति केंद्र लागत सीमा | 12 लाख रुपये तक |
| न्यूनतम क्षेत्रफल | 800 वर्ग फुट या अधिक |
| कार्यक्षेत्र | 533 ब्लॉक और 8,050 पंचायतें |
यदि विद्यालय परिसर में भूमि उपलब्ध नहीं होती है, तो पोषक क्षेत्र के भीतर किसी अन्य विवाद-रहित, अतिक्रमण-मुक्त सरकारी भूमि या विधि पूर्वक दान में प्राप्त जमीन पर इनका निर्माण कराया जाएगा। निर्धारित 12 लाख रुपये की सीमा के भीतर ही पूरे निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
अतिरिक्त फंड के इस्तेमाल की छूट
निर्माण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जिलों में आइसीडीएस योजना के तहत 2 लाख रुपये या वित्त आयोग के तहत 2 लाख रुपये की राशि उपलब्ध है, तो इस अतिरिक्त राशि का उपयोग भी आंगनबाड़ी भवन के निर्माण कार्यों में किया जा सकेगा। प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि समय पर काम पूरा हो सके।







