Bihar DTO Arrest: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पटना की EOU टीम ने नवादा जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के प्रधान लिपिक कन्हैया लाल को कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया है। उन पर आपराधिक षडयंत्र रचकर फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप है। यह पूरा मामला गोपालगंज डीटीओ कार्यालय से 2021 में जुड़े एक हाई प्रोफाइल स्कॉर्पियो चोरी और उसके फर्जी रजिस्ट्रेशन से संबंधित है।
कन्हैया लाल, जो पटना के बेऊर थाना क्षेत्र के सिपाराडीह निवासी रामाकांत प्रसाद के पुत्र हैं, उस समय गोपालगंज डीटीओ कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वीसी के ड्राइवर राधेश्याम सिंह की चोरी हुई स्कॉर्पियो का रजिस्ट्रेशन फर्जी तरीके से किसी और के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
इस सनसनीखेज मामले में पटना हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने 20 नवंबर 2025 को कांड संख्या-42/25 दर्ज की थी। कन्हैया लाल इस मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त हैं, जबकि गोपालगंज के तत्कालीन अधीक्षक मद्य निषेध, नीलामी समिति के सदस्य और एक बीडर प्राथमिक अभियुक्तों की सूची में शामिल हैं।
दरअसल, रोहतास जिले के करहगर थाना क्षेत्र के खरहरी निवासी राधेश्याम सिंह की स्कॉर्पियो (नंबर जेएच 01 सीजे 7840) 24 दिसंबर 2019 को रोहतास के दिनारा थाना क्षेत्र के भगीरथा गांव स्थित एक रिश्तेदार के घर के पास से चोरी हो गई थी। इस संबंध में दिनारा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में, 19 जून 2020 को इसी वाहन को गोपालगंज के सिधवलिया थाने से शराब के साथ जब्त किया गया। तब तक तस्करों ने इसका रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर बीआर 06 पीडी 9070 कर दिया था, हालांकि इंजन नंबर और चेसिस नंबर वही थे।
फर्जीवाड़े से नीलाम कर दिया गया वाहन
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर, अधीक्षक मद्य निषेध ने 27 दिसंबर 2021 को इस वाहन को विधिवत नीलाम कर दिया। इसके बाद, लिपिक कन्हैया लाल की मिलीभगत से रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर का मिलान किए बिना ही चोरी की स्कॉर्पियो को दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर कर दिया गया। चोरी के लगभग चार साल बाद, सिधवलिया थाने की पुलिस ने राधेश्याम सिंह को सूचित किया कि उनकी चोरी हुई स्कॉर्पियो नीलाम कर दी गई है। इस पर अधिकारियों से न्याय न मिलने के बाद, राधेश्याम सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दायर की, जिसके बाद यह मामला दर्ज हुआ।
छापेमारी दल में कौन-कौन शामिल था?
ईओयू के डीएसपी और वर्तमान में नवादा सदर एसडीपीओ-02 के पद पर कार्यरत सुरेश प्रसाद के नेतृत्व में यह छापेमारी की गई। टीम में ईओयू के इंस्पेक्टर राघवेन्द्र नारायण, एसआई कुमार धीरेन्द्र और नगर थाने के एसआई सानू कुमार भी शामिल थे।
गिरफ्तार प्रधान लिपिक कन्हैया लाल से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी से सरकारी कार्यालयों में चल रहे फर्जीवाड़े और आपराधिक षडयंत्रों पर नकेल कसने की उम्मीद है। मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।







