Bihar Electricity Connection के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए Bihar में नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आसान बना दिया गया है। राज्य में 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए अब फिजिकल वेरिफिकेशन की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को जमीन या मकान की जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग के दिशा-निर्देशों के आधार पर लागू इस नई व्यवस्था से घरेलू, ग्रामीण और औद्योगिक तीनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलने जा रही है।
अब नहीं बनेंगे तार, पोल और मजदूरी के अलग-अलग एस्टिमेट
पुरानी व्यवस्था में उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन लेने के लिए विभिन्न मदों के कई एस्टिमेट से गुजरना पड़ता था, जिसमें तार, पोल, अन्य उपकरण, मजदूरी और सुपरविजन शुल्क शामिल होते थे। इससे कुल खर्च का अनुमान लगाना आम लोगों के लिए मुश्किल होता था। नई प्रक्रिया के तहत इन सभी जटिलताओं को हटा दिया गया है। अब कनेक्शन के लोड के आधार पर एकमुश्त मानक शुल्क तय कर दिया गया है। उपभोक्ता पोर्टल या सुविधा ऐप के जरिए जैसे ही आवेदन करेंगे, उन्हें स्क्रीन पर ही देय राशि की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
3 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए तय शुल्क
बिजली कंपनी द्वारा लोड और श्रेणी के हिसाब से निर्धारित किए गए नए शुल्क इस प्रकार हैं:
| कनेक्शन की श्रेणी और लोड | निर्धारित मानक शुल्क |
|---|---|
| एलटी सिंगल फेज (3 किलोवाट तक) | 900 रुपये |
| एलटी सिंगल फेज (3 किलोवाट से अधिक) | 2,700 रुपये (हर अतिरिक्त किलोवाट पर 1,000 रुपये अतिरिक्त) |
| एलटी थ्री फेज (5 किलोवाट तक) | 4,500 रुपये |
| एलटी थ्री फेज (5 किलोवाट से अधिक) | 4,500 रुपये (हर अतिरिक्त किलोवाट पर 1,500 रुपये अतिरिक्त) |
| एलटी थ्री फेज (20 किलोवाट तक) | 21,000 रुपये |
| एलटी थ्री फेज (20 किलोवाट से अधिक) | 21,000 रुपये (हर अतिरिक्त किलोवाट पर 2,000 रुपये अतिरिक्त) |
इस नई दर-सूची के लागू होने से उपभोक्ताओं को अपनी जेब का सटीक अंदाजा पहले ही मिल जाएगा, जिससे बिचौलियों और अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी।
आवेदन के बाद ऐसे मिलेगी बिजली सेवा
यह संशोधित व्यवस्था एलटी सिंगल फेज, एलटी थ्री फेज और एचटी श्रेणी के 150 किलोवाट तक के सभी नए आवेदनों पर प्रभावी होगी। निर्धारित मानक शुल्क जमा होते ही बिजली वितरण कंपनी तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप मीटर तक जरूरी संरचना और सर्विस तार उपलब्ध कराएगी। दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने अपने सभी प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के त्वरित गति से नए कनेक्शन मिल सकें।







