Bihar Flood: बिहार को हर साल बाढ़ और सूखे जैसी दोहरी मार झेलनी पड़ती है। नेपाल से आने वाला पानी राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाता है। इसी समस्या पर मुख्यमंत्री बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि चार बड़ी नदियां बिहार को बर्बाद कर रही हैं, लेकिन अब सरकार ने इससे निपटने का एक विस्तृत प्लान तैयार किया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘ईस्टर्न जोनल कॉन्फ्रेंस-कम-कंसल्टेशन ऑन मिसिंग एंड ह्यूमन ट्रैफिकिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास और चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 51 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे स्टील और न्यूक्लियर प्लांट सहित कई उद्योग स्थापित किए जाएंगे।






बिहार में बाढ़ का कहर और CM सम्राट का नदियों के लिए प्लान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला राज्य है। यहां एक ओर सुखाड़ का सामना करना पड़ता है, तो दूसरी ओर बाढ़ हर साल बड़ी बर्बादी लाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल से आने वाला पानी ही सबसे बड़ी परेशानी का कारण बनता है। सीएम ने बताया कि बिहार के 15 जिले बाढ़ प्रभावित हैं, जबकि नॉर्थ बिहार में साउथ बिहार की तुलना में डेढ़ गुना अधिक आबादी रहती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “बिहार दुनिया की सबसे घनी आबादी वाला राज्य है। बिहार एक ओर जहां सुखाड़ से परेशान रहता है तो दूसरी ओर बाढ़ भी बिहार को बर्बाद करती है। नेपाल के पानी से सबसे ज्यादा परेशानी होती है। चार बड़ी नदियां बिहार को बर्बाद कर रहीं हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “साउथ बिहार से डेढ़ गुनी आबादी नॉर्थ बिहार में रहती है। 22 में 15 जिले के बाढ़ प्रभावित हैं। लेकिन, अब दो हजार गांव ही हाई रिस्क जोन में हैं।”
उन्होंने नदियों को व्यवस्थित करने की योजना साझा करते हुए कहा कि अब केवल 2000 गांव ही हाई रिस्क जोन में हैं। पहले बिहार में 22 लाख हेक्टेयर खेती योग्य जमीन थी, लेकिन अब अकेले नॉर्थ बिहार में 32 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गंगा, गंडक और कोसी नदी को पूरी तरह से व्यवस्थित किया जायेगा।
गंगा-कोसी में बढ़ा जलस्तर, औद्योगिक निवेश से बदलेगी तस्वीर
इसी बीच, गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। जल संसाधन विभाग के शनिवार सुबह 6 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, नवगछिया पुलिस जिला के तटवर्ती इलाकों जैसे इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर में तटबंधों पर दबाव बढ़ रहा है। इन चारों प्रमुख जगहों पर नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया है।
बाढ़ की समस्या के साथ ही मुख्यमंत्री ने बिहार के औद्योगिक विकास पर भी बात की। उन्होंने बताया कि निवेशकों ने अगले छह महीने में बिहार में स्टील और न्यूक्लियर प्लांट लगाने पर सहमति जताई है। इस पहल से राज्य में कुल 51 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में जब तक उद्योग नहीं आएंगे, तब तक लोगों का जीवन स्थिर नहीं हो पाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “पूरे बिहार में छह महीने में स्टील, न्यूक्लियर प्लांट लगाने की निवेशकों ने सहमति दी है। 51 लाख करोड़ रुपये का निवेश बिहार में होगा। बिहार में इंडस्ट्री आयेगी, तभी लोग स्थिर होंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि देश में एक तिहाई अधिकारी बिहार और यूपी से हैं, और कोटा में पढ़ने वाले तथा पढ़ाने वाले दोनों ही बिहारी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे प्रतिभावान लोगों के लिए बिहार में ही बेहतर अवसर और व्यवस्थाएं तैयार की जाएं, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। यह निवेश और औद्योगिक विकास इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।








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