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बिहार में अब आसमान से करें सफर! 15 जुलाई से शुरू हो रही हेलीकॉप्टर सेवा, जानें रूट, किराया और बुकिंग का पूरा तरीका!

Bihar Heli Tourism: मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना-2026 के तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को हेलीकॉप्टर से जोड़ा जाएगा। यह सेवा हर शनिवार और रविवार को उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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Bihar Heli Tourism: राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना-2026 की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने 16 जून को इस योजना को अपनी मंजूरी दी थी।

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यह सेवा पायलट आधार पर 15 जनवरी, 2027 तक संचालित की जाएगी। इसका मुख्य लक्ष्य पर्यटन राजस्व बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। हेलीकॉप्टर सेवा हर शनिवार और रविवार को उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

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बड़ी खबर: अब बिहार में हेलीकॉप्टर से करें यात्रा, जानें रूट, किराया और बुकिंग का पूरा तरीका!

Bihar Helicopter Service: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन और वायु-पर्यटन सेवा योजना-2026 के तहत अब आम लोग और पर्यटक हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठा सकेंगे। यह महत्वाकांक्षी योजना 15 जुलाई से शुरू होगी और 15 जनवरी 2027 तक प्रायोगिक आधार पर संचालित की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक, विरासत और प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देना, साथ ही रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है।

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राज्य कैबिनेट ने इस योजना को 16 जून को मंजूरी दी थी। हेलीकॉप्टर सेवाएं हर शनिवार और रविवार को उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटकों को अपने सप्ताहांत का बेहतर उपयोग करने का मौका मिलेगा।

इन तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों तक मिलेगी हवाई सुविधा

योजना के पहले चरण में पटना को तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ा जाएगा। इन स्थलों में पश्चिमी चंपारण का वाल्मीकिनगर, नालंदा का राजगीर और कैमूर में स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर शामिल हैं। सभी हेलीकॉप्टर उड़ानें पटना के बिहार हैंगर से ही संचालित होंगी।

उड़ान का समय और रूट

रूटप्रस्थान (पटना से)वापसी (पटना)अन्य जानकारी
पटना–वाल्मीकिनगरसुबह 10:00 बजेसुबह 11:00 बजे
पटना–वाल्मीकिनगरदोपहर 3:00 बजेशाम 4:30 बजे
पटना–राजगीरसुबह 9:30 बजेसुबह 10:30 बजे
पटना–मां मुंडेश्वरी (कैमूर)सुबह 11:00 बजेदोपहर 12:45 बजेकर्मचट बांध हेलीपैड, कैमूर के रास्ते

पटना में हेलीकॉप्टर जॉयराइड का भी उठाएं लुत्फ

इस योजना में पटना शहर के ऊपर 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉयराइड भी शामिल है। यह जॉयराइड भी शनिवार और रविवार को उपलब्ध होगी, जो दोपहर 3:00 बजे से शुरू होगी। हर 30 मिनट पर एक उड़ान होगी और प्रतिदिन कुल चार जॉयराइड संचालित की जाएंगी। यह पटना पर्यटन को एक नया आयाम देगा और स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा।

किराया और बुकिंग प्रक्रिया: जानें पूरी जानकारी

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अनुसार, टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा सकेगी। यात्री यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यदि खराब मौसम या तकनीकी कारणों से उड़ान रद्द होती है, तो यात्रियों को पूरा रिफंड मिलेगा।

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विभिन्न रूट्स के लिए किराया

रूटएक तरफ का किराया (प्रति व्यक्ति)
पटना से राजगीर4,000 रुपये
राजगीर से पटना4,000 रुपये
पटना से वाल्मीकिनगर5,000 रुपये
वाल्मीकिनगर से पटना5,000 रुपये
पटना से मां मुंडेश्वरी (कैमूर)6,000 रुपये
मां मुंडेश्वरी से पटना6,000 रुपये
पटना हेलीकॉप्टर जॉयराइड (10 मिनट)2,100 रुपये

यह हेलीकॉप्टर सेवा मेसर्स स्वंदन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जाएगी। समझौते के तहत, कंपनी को 87 लाख रुपये का मासिक किराया और परिचालन के लिए प्रति उड़ान घंटा 99,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।

बिहार सरकार का मानना है कि यह योजना धार्मिक और विरासत पर्यटन को मजबूत करेगी, अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस पहल से बिहार पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी।

प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए उड़ानें

योजना के पहले चरण में पटना को तीन महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों से जोड़ा जाएगा। इनमें पश्चिमी चंपारण का वाल्मीकिनगर, नालंदा का राजगीर और कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर शामिल हैं। सभी हेलीकॉप्टर उड़ानें पटना के बिहार हैंगर से प्रस्थान करेंगी।

उड़ानों का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:

मार्गप्रस्थान समय (पटना से)वापसी समय
पटना – वाल्मीकिनगरसुबह 10:00 बजेसुबह 11:00 बजे
पटना – वाल्मीकिनगर (दूसरी उड़ान)दोपहर 3:00 बजेशाम 4:30 बजे
पटना – राजगीरसुबह 9:30 बजेसुबह 10:30 बजे
पटना – मां मुंडेश्वरी (कैमूर)सुबह 11:00 बजेदोपहर 12:45 बजे

यह पहल बिहार में पर्यटन के नए आयाम खोलेगी और दूरदराज के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाएगी।

किराया और बुकिंग प्रक्रिया

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अनुसार, टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा सकेगी। यात्री यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके भुगतान कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यदि मौसम खराब होने या तकनीकी कारणों से उड़ान रद्द होती है, तो यात्रियों को पूरा किराया वापस मिलेगा।

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विभिन्न मार्गों के लिए एक तरफ का किराया निम्नलिखित है:

मार्गकिराया (एक तरफ)
पटना – राजगीर4,000 रुपये
राजगीर – पटना4,000 रुपये
पटना – वाल्मीकिनगर5,000 रुपये
वाल्मीकिनगर – पटना5,000 रुपये
पटना – मां मुंडेश्वरी (कैमूर)6,000 रुपये
मां मुंडेश्वरी – पटना6,000 रुपये

पटना में जॉयराइड और योजना के लक्ष्य

इस योजना में पटना शहर के ऊपर 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉयराइड भी शामिल है। यह जॉयराइड भी हर शनिवार और रविवार को उपलब्ध होगी। दोपहर 3:00 बजे से शुरू होकर, हर 30 मिनट पर एक उड़ान होगी, और प्रतिदिन कुल चार जॉयराइड की व्यवस्था की गई है। पटना जॉयराइड का प्रति व्यक्ति किराया 2,100 रुपये निर्धारित किया गया है।

हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन मेसर्स स्वंदन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। समझौते के अनुसार, कंपनी को प्रति माह 87 लाख रुपये का किराया और उड़ान के प्रति घंटे 99,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।

बिहार सरकार का मानना है कि यह पहल धार्मिक और विरासत पर्यटन को मजबूत करेगी, अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों को आकर्षित करेगी, स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

इस नई हेली-पर्यटन सेवा से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पटना सहित राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह योजना बिहार को पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिला सकती है।

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