Bihar Industry: राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने 29 नई औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे राज्य में विनिर्माण क्षेत्र मजबूत होगा और करीब 3,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बीआईएडीए की परियोजना मंजूरी समिति (PCC) ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी देते हुए लगभग 37.95 एकड़ औद्योगिक भूमि भी आवंटित की है। इसके अतिरिक्त, उद्योगों को तेजी से परिचालन शुरू करने में मदद करने के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ शेड के आवंटन को भी मंजूरी दी गई है।
विभिन्न क्षेत्रों में होगा बड़ा निवेश
उद्योग विभाग के अनुसार, स्वीकृत परियोजनाएं कई उच्च-विकास वाले क्षेत्रों को कवर करती हैं। इनमें उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रासायनिक विनिर्माण, प्लास्टिक उत्पाद, ऑप्टिकल उत्सर्जन स्पेक्ट्रोमीटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फर्नीचर और फिक्स्चर, लिथियम-आयन बैटरी, संपीड़ित बायोगैस (CBG) और सामान्य विनिर्माण शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बिहार के औद्योगिक आधार का विस्तार होगा और उभरते विनिर्माण उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।






राज्यभर में लगेंगी नई औद्योगिक इकाइयां
ये नई औद्योगिक इकाइयां राज्य के कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी। इनमें बिहटा का सिकंदरपुर, गोपालगंज का हथुआ फेज-III, अररिया का फोर्ब्सगंज, मधुबनी का लोहट फेज-I, मुजफ्फरपुर का बरियारपुर और पटना का फतुहा शामिल हैं। जिन प्रमुख निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, उनमें एम्पेरा लाइफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का प्रस्ताव सबसे बड़ा बताया गया है। इसके अलावा, श्री शिरडी साईंनाथ पावर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, रुंगटा इरिगेशन लिमिटेड, पंकज ट्रेडर्स, अनवीरा ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, संगम इंडस्ट्रीज, कल्याण प्लास्टो इंडस्ट्रीज और लिसिका केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
निवेशकों का बढ़ा बिहार पर भरोसा
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि निवेश प्रस्तावों का यह लगातार प्रवाह बिहार की औद्योगिक नीतियों और व्यावसायिक माहौल में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि ये नई स्वीकृत परियोजनाएं राज्य को एक विनिर्माण गंतव्य के रूप में मजबूत करेंगी, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी पैदा करेंगी।
उद्योग विभाग के सचिव और बीआईएडीए व इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि सरकार संतुलित और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक भूमि का आवंटन पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और निवेशक-अनुकूल प्रक्रियाओं में सुधार का उद्देश्य औद्योगिक परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाना है।
विभाग के अनुसार, इन नवीनतम मंजूरियों से औद्योगिक विकास में तेजी आने, उच्च-मूल्य वाले निवेश को आकर्षित करने और पूरे बिहार में विनिर्माण व उद्यमिता के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है। यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगा और रोजगार के नए द्वार खोलेगा।








