Bihar Monsoon Session: जुलाई में होने वाला बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र इस बार बेहद हंगामेदार रहने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को विपक्ष कई बड़े मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। खासकर, टेंडर घोटाला, भरत तिवारी एनकाउंटर और रोजगार के सवालों पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) आक्रामक रुख अपनाएगा। इस सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी पेश करेगी, जिसका अनुमानित आकार 50 हजार करोड़ रुपए हो सकता है।
मानसून सत्र की तारीखें तय, पेश होगा 50 हजार करोड़ का बजट
संसदीय कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक पांच दिनों तक चलेगा। यह सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहला मौका होगा जब अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। वित्त मंत्री बिजेन्द्र यादव इसे पेश करेंगे। वित्त विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अनुपूरक बजट का आकार करीब 50 हजार करोड़ रुपए होगा, जिसके जरिए सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की मंजूरी देगी। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए अतिरिक्त राशि आवंटित की जाएगी।






1 जुलाई को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में मानसून सत्र बुलाने की हरी झंडी दी गई थी। इस बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगी थी, जिनमें स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स का निर्धारण, पर्यटन, सड़क निर्माण, शिक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी कई अहम योजनाएं शामिल थीं।
मानसून सत्र 2026 का प्रस्तावित कार्यक्रम:
| तारीख | कार्यवाही |
|---|---|
| 20 जुलाई 2026 | दिवंगत सदस्यों (विधायक/एमएलसी) को श्रद्धांजलि; वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। |
| 21 और 22 जुलाई | राजकीय कार्य निपटाए जाएंगे; विभिन्न विधेयकों पर चर्चा होगी। |
| 23 जुलाई | प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा; सरकार की ओर से जवाब; विनियोग विधेयक पेश होगा। |
| 24 जुलाई | गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा; अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। |
यह महत्वपूर्ण है कि 3 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का था, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेश किया था। यह बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट था।
विपक्ष के तीखे सवाल: टेंडर घोटाला, एनकाउंटर और नौकरी
मानसून सत्र में विपक्ष सम्राट चौधरी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना चुका है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं:
- भरत तिवारी एनकाउंटर: भोजपुर जिले में 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी को गोली लगने और बाद में उनकी मौत का मामला गरमाया हुआ है। विपक्ष राज्य की विधि व्यवस्था पर सवाल उठाएगा। इस मुद्दे पर एनडीए के भीतर भी विधायकों के दो खेमों में बंटे होने की संभावना है। मामले ने तूल पकड़ा तो सम्राट सरकार ने पटना हाईकोर्ट के रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का आदेश दिया था।
- राबड़ी देवी का आवास: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करा लिया गया है। राजद इस मुद्दे को लेकर नाराज है और यह नाराजगी सदन में साफ दिख सकती है। विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी खुद इस मुद्दे पर अपनी पीड़ा व्यक्त कर सकती हैं। वह अब कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रह रही हैं।
- रोजगार और नौकरी: विपक्ष के नेता राज्य सरकार से रोजगार और नौकरी के वादों पर सवाल करेंगे। खासकर, टीआरई-4 परीक्षा की तारीखों की घोषणा को लेकर अभ्यर्थी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 2025 के चुनाव के समय नीतीश कुमार ने अगले पांच साल में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार देने का वादा किया था, जिस पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा।
- रिशु श्री टेंडर घोटाला: रिशु श्री टेंडर घोटाला सामने आने के बाद से सम्राट सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विपक्ष इसे जोर-शोर से उठाएगा। तेजस्वी यादव इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। इस मामले में आईएएस अधिकारी संजीव हंस और पवन कुमार (दोनों फरार), रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मुमुक्षु चौधरी, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर तारणी दास, कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह और संतोष कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। एसवीयू ने आईएएस अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को जांच से बाहर कर दिया है, क्योंकि तलाशी में उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक सबूत नहीं मिला। रिशु श्री की गिरफ्तारी 27 मई को हुई थी, जिसके बाद यह मामला और गरमा गया।
पिछले वर्षों के अनुपूरक बजट पर एक नजर
बिहार सरकार मूल बजट के बाद आवश्यकतानुसार अनुपूरक बजट पेश करती रही है। पिछले पांच वित्तीय वर्षों के कुछ महत्वपूर्ण अनुपूरक बजट इस प्रकार हैं:
| वित्तीय वर्ष | अनुपूरक बजट | राशि (करोड़ रुपये में) | विशेष आवंटन |
|---|---|---|---|
| 2025-26 | पहला (21 जुलाई 2025) | 57,946.25 | सामाजिक सुरक्षा पेंशन (8310), सड़कें व पुल (1200) |
| 2025-26 | दूसरा (3 दिसंबर 2026) | 91,717 | सीएम महिला रोजगार योजना (21000) |
| 2025-26 | तीसरा (11 फरवरी 2026) | 12,165.43 | – |
| 2024-25 | पहला (जुलाई 2024) | 47,512 | – |
| 2024-25 | दूसरा (दिसंबर 2024) | 91,717.11 | – |
| 2023-24 | पहला (जुलाई) | 43,774 | – |
| 2023-24 | दूसरा (नवंबर) | 26,086 | – |
| 2022-23 | अनुपूरक बजट | 43,264 | स्वास्थ्य क्षेत्र, कृषि सब्सिडी, ऊर्जा विभाग |
| 2021-22 | पहला अनुपूरक बजट | 27,330 | कोरोना राहत पैकेज, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा, जल-जीवन-हरियाली |
आगामी बिहार मानसून सत्र न केवल विधायी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह सम्राट चौधरी सरकार के लिए विपक्ष के सवालों का सामना करने और अपनी नीतियों को मजबूती से रखने का एक बड़ा मंच भी बनेगा। राज्य की जनता की निगाहें सदन में होने वाली गरमागरम बहस और महत्वपूर्ण निर्णयों पर टिकी रहेंगी।








