
Bihar Power Demand: बिहार में गर्मी और उमस का सितम जारी है, और इसके साथ ही बिजली की मांग भी आसमान छू रही है। हाल ही में राज्य ने बिजली खपत का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
देशज टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार बिहार में बिजली की खपत ने बुधवार को 8818 मेगावाट का आंकड़ा छू लिया, जो अब तक का सर्वाधिक है। इससे पहले सोमवार को यह मांग 8200 मेगावाट और मंगलवार को 8000 मेगावाट के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 12 जुलाई को दर्ज 8560 मेगावाट की खपत का रिकॉर्ड इस साल मई में ही टूट गया है। बिजली कंपनी का अनुमान है कि 2026-27 की गर्मियों में पीक डिमांड 9500 से 9600 मेगावाट तक जा सकती है।
रिकॉर्ड तोड़ बिजली खपत: क्या कहते हैं आंकड़े?
वर्तमान में बिहार में बिजली की उपलब्धता 10440 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिसमें अधिकतर आपूर्ति एनटीपीसी की इकाइयों से हो रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इधर कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही उमस और गर्मी के कारण बिजली की मांग में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। एसी, फ्रीज और कूलर जैसे उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल और छोटे शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाओं का विस्तार इसकी मुख्य वजह है। इससे उपभोक्ताओं की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पिछले 20 वर्षों में प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत में करीब पांच गुना बढ़ोतरी हुई है। 2005 में यह 75 किलोवाट थी, जो 2025 में बढ़कर 363 किलोवाट हो गई। 2012 में यह 134 किलोवाट और 2014 में 160 किलोवाट दर्ज की गई थी।
गर्मी और बढ़ती सुविधाएं: मांग में उछाल की वजह
इसी तरह, उपभोक्ताओं की संख्या में भी लगभग साढ़े 12 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। 2005 में 17 लाख उपभोक्ता थे, जो 2025 तक बढ़कर 2 करोड़ 14 लाख हो गए हैं। 2012 में यह संख्या 38 लाख और 2014 में 43 लाख थी। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि राज्य में बिजली पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है, खासकर गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ यह और तीव्र होती है।
पटना में बिजली का बढ़ता लोड: Bihar Power Demand का 10% यहीं से
राजधानी पटना में बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। पटना इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई यूनिट (पेसू) कुल राज्य की Bihar Power Demand का लगभग 10 प्रतिशत लोड संभालती है। गर्मी के कारण पेसू क्षेत्र में बिजली लोड में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
पेसू के आंकड़ों के मुताबिक, 6 मई को 492 मेगावाट दर्ज किया गया लोड 19 मई तक बढ़कर 808.6 मेगावाट तक पहुंच गया था। हालांकि, यह अभी पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में दर्ज अधिकतम 883 मेगावाट से कम है, लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए नया रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना है।
पेसू अधिकारियों के अनुसार, रात 8 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे के बीच सबसे अधिक बिजली लोड होता है, जब एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का इस्तेमाल चरम पर होता है। बढ़ती खपत को देखते हुए पेसू ने निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अप्रैल के आंकड़े भी बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली लोड में लगातार इजाफा हुआ है। 1 अप्रैल को 504.3 मेगावाट से यह 24 अप्रैल को 812.2 मेगावाट तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में और वृद्धि होने पर मांग और बढ़ सकती है, जो पेसू के लिए आपूर्ति बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती होगी।







