Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव की गहमागहमी के बीच शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधानमंडल दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जदयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार एमएलसी नीरज कुमार दोनों ही मौजूद रहे। पिछले कई हफ्तों से इन दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी चल रही थी, ऐसे में सीएम आवास पर उनकी एक साथ मौजूदगी ने कई कयासों को जन्म दिया है। राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व दोनों के बीच जारी तनातनी को खत्म कराने में सफल होगा?
आगामी 23 अक्टूबर को बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान होना है। सत्ताधारी गठबंधन NDA के तहत भाजपा 4 सीटों पर और जदयू भी 4 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। चुनाव में घटक दलों के बीच पूरी एकजुटता दिखाने के मकसद से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह विशेष बैठक बुलाई थी, जिसमें NDA के पांचों दलों के विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।
पटना स्नातक सीट पर फंसा है पेंच, बागी हुए अनंत सिंह
असल पेंच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर फंसा है, जहां से जदयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह ने बागी तेवर अपनाते हुए नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अनंत सिंह ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह को खुला समर्थन दिया है और वे उनके पक्ष में चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। अपने ही दल के विधायक द्वारा विपक्षी उम्मीदवार के पक्ष में खुलकर खड़े होने से जदयू नेतृत्व असहज स्थिति में है। दो दिन पहले NDA के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई अनौपचारिक चर्चा में भी यह बात उठी थी कि चुनाव से पहले संबंधित दलों का शीर्ष नेतृत्व अपने-अपने स्तर पर ऐसे अंदरूनी मतभेदों को जल्द से जल्द दूर करे।
ललन सिंह की मध्यस्थता भी रही थी नाकाम
पार्टी के भीतर गहराते इस विवाद को थामने के लिए पिछले महीने भी शीर्ष नेताओं ने अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सुलह का प्रयास किया था, लेकिन तब बात नहीं बन पाई थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने खुद अनंत सिंह से बातचीत कर गतिरोध खत्म करने का जिम्मा संभाला। ललन सिंह ने अनंत सिंह से सार्वजनिक रूप से बयानबाजी न करने का आग्रह किया था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने यह स्वीकार भी किया था कि जब पूर्व में अनंत सिंह चुनाव लड़ रहे थे, तब नीरज कुमार ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोला था और उस समय पार्टी की राज्य इकाई ने कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया था। अनंत सिंह के भीतर इसी पुरानी नाराजगी की वजह से विवाद गहराया हुआ है।
सीएम आवास की बैठक पर टिकी हैं निगाहें
शुक्रवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में बुलाई गई इस रणनीतिक बैठक में NDA के अधिकांश जनप्रतिनिधि शामिल हुए। अनंत सिंह और नीरज कुमार की एक ही छत के नीचे मौजूदगी ने इस बैठक को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। इस मुलाकात के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जदयू के भीतर चल रही यह तनातनी खत्म होती है, या बिहार विधान परिषद चुनाव में NDA की एकजुटता पर इसका असर जारी रहेगा।






