
बिहार हर साल कोसी और गंडक जैसी नेपाल से आने वाली नदियों की विनाशलीला झेलता है। इस तबाही को रोकने और जल संसाधन परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है। 30 अप्रैल और 1 मई को नेपाल में भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (जेसीकेजीपी) की अहम बैठक हो रही है, जिसमें बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और परियोजनाओं के कुशल संचालन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
जल संसाधन विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बैठक में कोसी परियोजना से जुड़े कई अहम मसलों पर बात होगी। इनमें परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे का रखरखाव, निर्माण सामग्री पर लगने वाले स्थानीय कर, कोसी बराज के दोनों ओर तटबंधों के कटाव को रोकना, पश्चिमी मुख्य नहर के गेट का संचालन, नेपाल में सेवा पथों का रखरखाव, अतिक्रमण हटाना और परियोजना कर्मियों की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। इसके अलावा, कोसी टप्पू वन्यजीव क्षेत्र से संबंधित समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। गंडक परियोजना से संबंधित मुद्दों में अधिग्रहीत भूमि पर अवैध कब्जा, जल निकासी में रुकावट से खेती की जमीन में जलजमाव, नहरों में तय जलस्तर और डिस्चार्ज बनाए रखना, बाढ़ सुरक्षा और कटाव रोकने के उपाय, सेवा पथों का रखरखाव और सिल्टयुक्त जलप्रवाह नियंत्रण जैसे विषय भी शामिल हैं।
बिहार-नेपाल नदी वार्ता का अहम पहलू: बाढ़ पूर्वानुमान और डेटा साझाकरण
बैठक का एक महत्वपूर्ण एजेंडा नेपाल की नदियों के जलस्तर के ऑनलाइन डेटा की उपलब्धता है। फिलहाल, बिहार को यह डेटा मिलने में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे संभावित बाढ़ का समय पर बाढ़ पूर्वानुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। चर्चा होगी कि कैसे नेपाल के वर्षा और जलस्तर के आंकड़े बिहार सरकार के फ्लड फोरकास्टिंग मॉडल के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकें, खासकर मानसून के दौरान। यह बिहार-नेपाल नदी वार्ता सीमावर्ती नदियों के बेहतर प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और दोनों देशों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर केंद्रित है। सरकार को उम्मीद है कि इस बैठक से लंबित समस्याओं का समाधान होगा और भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी।
बैठक में कौन-कौन शामिल?
इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल के साथ अभियंता प्रमुख वरुण कुमार और ब्रजेश मोहन, मुख्य अभियंता संजीव शैलेश और अनिल कुमार मंडल, सुपौल के डीएम सावन कुमार, अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा, स्थानिक अभियंता चंद्रशेखर कुमार और एमएमसी निदेशक अजय कुमार को नामित किया है। केंद्र सरकार की ओर से जल शक्ति मंत्रालय के आयुक्त शरद चंद्र, जीएफसीसी के सदस्य सुनील कुमार, वरिष्ठ संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, सहायक निदेशक पीयूष कुमार त्रिपाठी और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







