
Panchayat Sarkar Bhawan: बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए बड़ी खबर है! अब पंचायत सरकार भवन सिर्फ कागजी कार्रवाई का अड्डा नहीं रहेगा, बल्कि यह आपकी हर छोटी-बड़ी जरूरत को पूरा करने वाला एक ‘मिनी-शहर’ बन जाएगा। सरकार ने इन भवनों को बहुउद्देशीय ग्रामीण सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की पूरी तैयारी कर ली है।
बिहार सरकार ने राज्य के सभी पंचायत सरकार भवनों को ग्रामीण सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत इन भवनों में बैंक, डाकघर, आरटीपीएस केंद्र, पुस्तकालय के साथ-साथ सुधा मिल्क पार्लर भी खोले जाएंगे। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में इन निर्देशों को जारी किया। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, जिसमें सभी जिलों के उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी और जिला परिषद के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण जनता को अब छोटे-मोटे कामों के लिए शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
‘पंचायत सरकार भवन’ में क्या-क्या नई सुविधाएं मिलेंगी?
ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार ने पंचायत सरकार भवनों में कई नई सेवाएं जोड़ने का फैसला किया है। अब आप अपने गांव के पंचायत सरकार भवन में ही बैंकिंग से जुड़ी सेवाएं, पोस्ट ऑफिस की सुविधा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र या आय प्रमाण पत्र जैसे आरटीपीएस सेवाएं और यहां तक कि ताजा सुधा डेयरी उत्पाद भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। सुधा मिल्क पार्लर खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
ये सभी बदलाव ग्रामीण लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होंगे। उन्हें विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं के लिए दूर के शहरों तक यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सोलर स्ट्रीट लाइट योजना: अब ऑनलाइन निगरानी भी
पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में सोलर स्ट्रीट लाइट्स की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 11 लाख 7 हजार 707 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाई जा चुकी हैं। औरंगाबाद, अरवल, भोजपुर, मधुबनी, किशनगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, लखीसराय और बक्सर सहित नौ जिलों में इस योजना का काम पूरा हो चुका है। विभाग अब इस योजना की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने जा रहा है। सचिव ने निर्देश दिया है कि केंद्रीकृत अनुश्रवण प्रणाली (सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम) का यूआरएल जल्द से जल्द जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाए। इससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगी लाइट्स की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
समीक्षा के दौरान केंद्र सरकार के सीपीग्राम्स पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों के निपटारे पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव ने अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल पर लॉगिन करके शिकायतों का समय पर समाधान करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिलों को भेजी गई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर रिपोर्ट जमा करने को भी कहा गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
शिकायत निवारण और विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक में केवल शिकायतों के समाधान पर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण, लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों और न्यायिक मामलों की स्थिति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, छठे राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग द्वारा वित्त पोषित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति पर भी गहन चर्चा हुई। सरकार का स्पष्ट मानना है कि पंचायत स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और ग्रामीण सुविधा केंद्र स्थापित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।







