
PM Surya Ghar Yojana: बिजली बिल से छुटकारा चाहते हैं और पर्यावरण का भी ख्याल रखना है? समस्तीपुर के ग्रामीण इलाकों के लिए एक शानदार खबर है! जिले के 10 गांव अब ‘मॉडल सोलर ग्राम’ बनने जा रहे हैं, जहाँ हर घर तक मुफ्त और स्वच्छ बिजली पहुँचेगी। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से गांव-गांव में बिजली आत्मनिर्भरता लाने की कवायद तेज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
PM Surya Ghar Yojana: क्या है योजना और कैसे मिलेगा लाभ?
समस्तीपुर जिले में PM Surya Ghar Yojana के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की पहल तेज हो गई है। इस योजना के अंतर्गत, पूरे जिले के 10 गांवों को मॉडल सोलर ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सभी 20 प्रखंडों से एक-एक गांव का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। अब प्राप्त 20 गांवों में से 10 गांवों के अंतिम चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयनित गांवों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही, घर-घर तक सोलर आधारित बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्य किए जाएंगे।
यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत, घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। एक किलोवाट से अधिक क्षमता तक के सोलर सिस्टम पर अलग-अलग दरों से सब्सिडी मिलती है। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली की जरूरतें पूरी करने के साथ, अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। मॉडल सोलर ग्राम के रूप में विकसित होने वाले गांवों में लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ग्रामीणों को सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया, अनुदान और इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, सरकारी भवनों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की योजना है। जिला प्रशासन का मानना है कि इससे गांव ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे और हरित ऊर्जा का विस्तार होगा।
कैसे चुने जाएंगे 10 मॉडल सोलर ग्राम?
कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया –
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन गांवों में योजना का विशेष रूप से क्रियान्वयन किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि इससे ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिलेगा तथा भविष्य में अन्य गांवों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी की जाएगी।
इन गांवों का प्रस्ताव भेजा गया
- समस्तीपुर प्रखंड: केवस निजामत
- उजियारपुर: नाजिरपुर
- कल्याणपुर: ध्रुबगामा
- पूसा: शेखोपुर
- ताजपुर: श्रीचंद्रपुर कोठिया
- खानपुर: रेवड़ा
- वारिसनगर: माधोपुर
- दलसिंहसराय: अजनौल
- विद्यापतिनगर: मऊ
- सरायरंजन: लटबसेपुरा
- मोरवा: उमैदपुर
- मोहिउद्दीननगर: मदुदाबाद
- मोहनपुर: मोहनपुर डीह
- पटोरी: जोरपुरा
- विभूतिपुर: बोरिया
- शिवाजीनगर: डुमरा मोहन
- सिंघिया: जहागीरपुर
- रोसड़ा: मुरली
- हसनपुर: रजवा
- बिथान: बेलसंडी
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