
Patna Water Metro: पटना की गंगा में वाटर मेट्रो का सपना अब तक साकार नहीं हो पाया है। करोड़ों की लागत से आया ‘एमवी-गोमधरकुंवर’ जहाज गायघाट पर धूल फांक रहा है, जबकि लोग बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं। आखिर कब शुरू होगा यह बहुप्रतीक्षित सफर?
करोड़ों का ‘एमवी-गोमधरकुंवर’ जहाज गंगा में क्यों रुका?
बिहार सरकार के पर्यटन विभाग और भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच 20 सितंबर 2025 को गुजरात के भावनगर में पटना के गंगा में वाटर मेट्रो शुरू करने के लिए एक समझौता हुआ था। इस समझौते के महज आठवें दिन, यानी 27 सितंबर 2025 को, लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत वाला ‘एमवी-गोमधरकुंवर’ नामक इलेक्ट्रिक जहाज पटना पहुंच गया। लेकिन आज भी यह खूबसूरत जहाज पटना के गायघाट स्थित बंदरगाह के समीप गंगा में अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। इसकी सुरक्षा के लिए एक गार्ड भी तैनात है। मुख्य समस्या यह है कि बिहार के परिवहन विभाग द्वारा इस जहाज का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है और पर्यटन विकास निगम द्वारा दीघा घाट से कंगन घाट के बीच चार प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों में से सभी का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है।
कब पूरा होगा यात्रियों का इंतजार?
पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों ने बताया है कि वाटर मेट्रो के लिए गांधी घाट पर एक चार्जिंग स्टेशन तैयार हो चुका है। हालांकि, दीघा घाट और कंगन घाट पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम अभी बाकी है। अधिकारियों के अनुसार, इस इलेक्ट्रिक जहाज के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया परिवहन विभाग के साथ जारी है। इसके परिचालन के लिए जल्द ही एक एजेंसी भी तय की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह जहाज दीघा घाट से कंगन घाट तक चलाया जाएगा। आईडब्ल्यूएआई पटना के निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि यह वातानुकूलित जहाज 50 पर्यटकों को बैठने और 25 को खड़े होकर यात्रा करने की क्षमता रखता है। निगम को यह जहाज पहले ही सौंप दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
गंगा में जल यात्रा का अनुभव कैसा होगा?
‘एमवी-गोमधरकुंवर’ नामक इस स्वदेशी जहाज को कोलकाता के हावड़ा में हुगली नदी के तट पर हुगली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा लगभग बारह करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। निदेशक ने पुष्टि की है कि इस जहाज का गंगा में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। गायघाट में लगे तैरते सामुदायिक जेटी पर चार्जिंग प्वाइंट भी उपलब्ध है। प्रथम चरण में पटना वाटर मेट्रो सेवा दीघा घाट से कंगन घाट तक संचालित होगी। जहाज में लगी दो बैटरियों को चार्ज करने के लिए गायघाट स्थित सामुदायिक जेटी पर चार्जिंग प्वाइंट है। आधे घंटे में चार्ज होने वाली बैटरी से जहाज लगभग डेढ़ घंटा चल सकेगा। भविष्य में इस वाटर मेट्रो सेवा को दानापुर के नासरीगंज, कोनहारा घाट, सोनपुर, हरिहरनाथ और पानापुर तक विस्तार देने की भी योजना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जहाज की खूबियां
42 मीटर लंबा यह वातानुकूलित इलेक्ट्रिक जहाज 50 आरामदायक कुर्सियों से सुसज्जित है। इसके एक बड़े हॉलनुमा हिस्से में 25 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते हैं। इस हॉल में चार बड़े एसी, सीसीटीवी कैमरे, एलसीडी स्क्रीन और एक साउंड सिस्टम भी लगा है। यात्रियों को आगामी स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी इन प्रणालियों के माध्यम से दी जाएगी। हॉल के चारों ओर बड़े-बड़े शीशे लगे हैं, जिससे बैठे और खड़े दोनों यात्री गंगा के बाहर का विहंगम दृश्य आसानी से देख और अपने कैमरों में कैद कर सकेंगे। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।







