Bihar private ITIs में लगातार मिल रही शिकायतों और मानकों की अनदेखी के मामलों को लेकर Patna में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर राज्यभर के सभी निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। इस कार्रवाई का सीधा असर उन संस्थानों पर पड़ेगा जो विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और तय नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
कितने संस्थानों पर होगी कार्रवाई
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान समय में राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 1258 निजी संस्थान संचालित हो रहे हैं। इन सभी संस्थानों की कार्यप्रणाली को अब पारदर्शिता के दायरे में लाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि संस्थानों के पास पठन-पाठन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है या नहीं।
बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की होगी पड़ताल
जांच के मुख्य बिंदुओं में तकनीकी प्रयोगशालाओं की स्थिति, कक्षाओं का रख-रखाव, और पेशेवर तथा योग्य शिक्षकों की उपलब्धता शामिल है। कई संस्थानों में केवल कागजों पर फैकल्टी और संसाधन दिखाए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं, जिसके चलते छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है।
| जांच का पहलू | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| कुल निजी संस्थान | 1258 संचालित इकाइयां |
| मुख्य आधार | केंद्रीय मानक और विभागीय नियम |
| प्रमुख फोकस | बुनियादी सुविधाएं और पेशेवर शिक्षक |
विभाग द्वारा तय किए गए कड़े मानदंडों के अनुरूप हर एक संस्थान का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। मानकों पर खरा न उतरने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिससे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।







