Bihar Revenue Employees: बिहार में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने हड़ताल पर गए राजस्व कर्मचारियों और अमीनों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने उनके डोंगल भी वापस ले लिए हैं, ताकि सरकारी कामकाज प्रभावित न हो और आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार का काम किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। जनता को निर्बाध सरकारी सेवाएं मिलती रहें, इसके लिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब हड़ताल पर गए कर्मचारियों की जगह दूसरे राजस्व कर्मचारियों से काम कराया जाएगा, जिससे विभागीय कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।
सरकार क्यों हुई सख्त? जानें बड़ी वजह
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि सरकार ने पहले ही हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का भरोसा दिया था। सरकार उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर सकारात्मक रूप से विचार कर रही थी। हालांकि, इन आश्वासनों के बावजूद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया, जिससे सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘कर्मचारियों को हड़ताल करने का अधिकार है, लेकिन इसकी वजह से सरकारी कामकाज और आम जनता की सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। जब कर्मचारियों ने सरकार की बात नहीं मानी और हड़ताल जारी रखी, तो राज्य सरकार को मजबूरन यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। हमारी प्राथमिकता आम जनता को निर्बाध सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।’
राजस्व विभाग का कामकाज नहीं होगा ठप, वैकल्पिक व्यवस्था तैयार
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में राजस्व विभाग का कामकाज ठप नहीं होने दिया जाएगा। आम जनता को बिना किसी रुकावट के सरकारी सेवाएं मिलती रहें, इसके लिए ठोस वैकल्पिक व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। मंत्री बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों की जगह अब दूसरे राजस्व कर्मचारियों से काम कराया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विभाग का कोई भी कार्य लंबित न रहे।
इस बड़े फैसले के बाद राजस्व विभाग के कामकाज को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध दिख रही है। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता को बिना किसी रुकावट के सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे इस हड़ताल से होने वाली असुविधा को रोका जा सके और जनता के कार्य प्रभावित न हों।







