Lalu Prasad Yadav Siwan: राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सीवान की एसीजेएम प्रथम अदालत में शुक्रवार को पेश हुए। यह मामला वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव से जुड़े आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का है। अदालत में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोपों का सारांश सुनाया गया और आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान न्यायिक कार्रवाई लगभग पांच मिनट तक चली।

अदालत ने इससे पहले लालू प्रसाद यादव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। लगातार अनुपस्थिति के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हुए थे और संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उनकी गैर-मौजूदगी की दलील पर न्यायालय ने इन सभी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को अदालत के निर्देश पर ही वह स्वयं पेश हुए, जहां उनके अधिवक्ता कामेश्वर तिवारी ने उनका पक्ष रखा।
ब्रेकिंग: लालू यादव 15 साल पुराने मामले में कोर्ट पहुंचे, सीवान में उमड़ी समर्थकों की भीड़!
Bihar Lalu Yadav: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को सीवान व्यवहार न्यायालय पहुंचे। वर्ष 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव से जुड़े आचार संहिता उल्लंघन के करीब 15 साल पुराने मामले में उनकी पेशी हुई। लालू यादव के कोर्ट परिसर में पहुंचते ही राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अपने नेता की एक झलक पाने के लिए समर्थक बेहद उत्साहित दिखे, जिसके चलते प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी और पुलिस बल तैनात किया गया।
यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान बिना अनुमति सभा आयोजित करने और माइक के इस्तेमाल के आरोपों से जुड़ा है। लालू प्रसाद यादव की सीवान कोर्ट में पेशी को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज रही। कोर्ट परिसर के आसपास बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता मौजूद थे, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस सतर्क रही। अदालत में चल रही कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी रहीं।
15 साल पुराना है आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला
यह घटना 8 अक्टूबर 2011 की है, जब दरौंदा विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत सामने आई थी। इस मामले में तत्कालीन राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह और उस समय के सांसद एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का नाम शामिल था। शिकायत के अनुसार, दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक आमसभा आयोजित की गई थी, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। सभा में मंच बनाया गया था और ध्वनि विस्तारक यंत्र यानी माइक का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
दरौंदा के अंचल अधिकारी (सीओ) ने इस संबंध में तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, महाराजगंज को आवेदन भेजा था। आवेदन में चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, जब सभा और चुनाव प्रचार से संबंधित अनुमति पत्र मांगे गए, तो उन्हें प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
“अधिकारियों की आपत्ति के बाद माइक थानाध्यक्ष को सौंपे जाने का उल्लेख भी आवेदन में किया गया था। इस घटना के बाद उड़नदस्ता दल ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी थी।”
सुरक्षा कड़ी, समर्थकों को नियंत्रित करने में जुटी पुलिस
दर्ज शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि लालू प्रसाद यादव ने माइक लेकर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। इस घटनाक्रम के आधार पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। करीब 15 साल पुराने इस मामले में अब लालू प्रसाद यादव की सीवान व्यवहार न्यायालय में पेशी हो रही है। मामला वर्ष 2011 के विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा होने के कारण इसकी पुरानी शिकायत और संबंधित दस्तावेजों पर अदालत में कार्यवाही की जा रही है। कोर्ट परिसर में लालू यादव के पहुंचने के बाद राजद समर्थकों की भीड़ बेकाबू होने लगी, जिस पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
पुराना चुनाव प्रचार बना मुसीबत का सबब
यह पूरा मामला 8 अक्टूबर, 2011 का है, जब लालू प्रसाद यादव दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। आरोप है कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद, उन्होंने बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल करते हुए सभा की और भाषण दिया था।
तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने इस घटना के संबंध में लालू प्रसाद यादव और प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के खिलाफ दरौंदा थाने में कांड संख्या 146/11 दर्ज कराई थी। अदालत ने दोनों के खिलाफ संज्ञान लिया था। बाद में, परमेश्वर सिंह का निधन हो गया, लेकिन लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी रही। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण ही उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और कुर्की के आदेश जारी हुए थे, जिन्हें बाद में स्वास्थ्य कारणों से स्थगित कर दिया गया।
सीवान में लालू प्रसाद यादव का जोरदार स्वागत
न्यायालय में पेशी के लिए लालू प्रसाद यादव गुरुवार शाम को ही सीवान पहुंच गए थे। उनके आगमन पर रास्ते में कई स्थानों पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सीवान पहुंचने के बाद उन्होंने पचरूखी स्थित एक होटल में रात्रि विश्राम किया।
इस दौरान उनके साथ विधान परिषद सदस्य विनोद जायसवाल और पूर्व विधायक भोला यादव सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी, रघुनाथपुर विधायक ओसामा साहब, पूर्व विधायक हरिशंकर यादव, राजद नेता अनवारुल हक, जिला प्रवक्ता उमेश कुमार, अरुण गुप्ता, हरेंद्र सिंह पटेल, विक्रांत सिंह, ललन यादव और रविंद्र राय जैसे नेताओं ने भी उनका स्वागत किया। इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रियाएं जारी रहेंगी।








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