Bihar Seemanchal: बिहार के सीमांचल इलाकों में जनसंख्या के स्वरूप में बड़ा बदलाव खुफिया एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे किशनगंज और अररिया जैसे जिलों में अवैध गतिविधियों के साथ-साथ आबादी में अप्रत्याशित परिवर्तन दर्ज किए गए हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियां कड़ी निगरानी रख रही हैं।
किशनगंज और अररिया में आबादी का बदलता स्वरूप
खुफिया जानकारी के अनुसार, किशनगंज जिले में आबादी के स्वरूप में 70 प्रतिशत तक बदलाव हो चुका है, जबकि अररिया में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इन आंकड़ों ने सुरक्षा एजेंसियों की परेशानी बढ़ा दी है। सीमांचल के अन्य महत्वपूर्ण जिलों जैसे पूर्णिया और कटिहार में भी लगातार समीक्षा की जा रही है। संदिग्ध आवाजाही और जमीन की खरीद-बिक्री के साथ अवैध निर्माण की भी गहन जांच जारी है।
नेपाल सीमा पर सुरक्षा का मुद्दा शीर्ष स्तर पर
बिहार की नेपाल से सटी सीमा लगभग 729 किलोमीटर लंबी है। इसकी सुरक्षा का मुख्य जिम्मा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पास है। एसएसबी का दायित्व सीमा पार अपराधों, अनधिकृत प्रवेश-निकास और तस्करी को रोकना है। 29 सितंबर को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बिहार के आला अधिकारियों ने इस बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल था।
खाड़ी देशों की यात्रा करने वालों पर पैनी नजर
सीमांचल के किशनगंज और अररिया जिले अब केंद्रीय और राज्य खुफिया एजेंसियों की विशेष निगरानी में हैं। सीमा पार की गतिविधियों, विदेशों से आने वाले फंड, संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन और विदेश यात्रा करने वाले लोगों के डेटा को बारीकी से खंगाला जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, हाल के कुछ वर्षों में खाड़ी देशों और अन्य मुल्कों की यात्रा करने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
इस सूची में टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट वीजा, नौकरी, धार्मिक यात्रा और बिजनेस वीजा पर विदेश जाने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन विदेश यात्राओं का खर्च किस स्रोत से उठाया गया और विदेश में उनके संपर्क किन व्यक्तियों या संस्थाओं से थे।
जांच में कई एजेंसियां कर रही हैं समन्वय
खुफिया विभाग स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्पेशल ब्रांच और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। जांच के तहत कुछ मामलों में बैंक खातों, विदेशी लेनदेन और पासपोर्ट आवेदनों का मिलान भी किया जा रहा है। इसके अलावा, विदेश से फंड प्राप्त करने वाली कुछ गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) और सामाजिक संगठनों की गतिविधियों की भी समीक्षा चल रही है।
आयकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर श्याम मनोहर सिंह ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा, ‘सीमांचल इलाकों में डेमोग्राफी में बदलाव होना और अवैध गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है। पूरे मामले में जांच की जा रही है। जो लोग जांच के दायरे में हैं, उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उच्चस्तरीय बैठकों में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और खुफिया एजेंसी भी इस पर सजग है।’
यह गहन जांच और निगरानी बिहार के सीमांचल क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगामी दिनों में इस जांच के और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।







