Bihar Solar Energy: हिमांशु शेखर भागलपुर। बिहार अब हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भागलपुर और बांका जिले इस क्रांति के अगुवा बनकर उभर रहे हैं, जहां सूरज की रोशनी से बिजली उत्पादन में जबरदस्त तेजी आई है। बांका में कुल 85 मेगावाट क्षमता के चार बड़े सोलर प्लांट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जिससे वहां बिजली की पुरानी समस्याओं से बड़ी राहत मिली है। वहीं, भागलपुर घरेलू स्तर पर भी पीछे नहीं है, छतों पर सोलर पैनल लगवाने के मामले में यह जिला पूरे राज्य में चौथे पायदान पर पहुंच गया है।
आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने की यह पहल इन क्षेत्रों को पारंपरिक बिजली के भरोसे से मुक्त कर वैकल्पिक स्रोतों से जोड़ रही है। भागलपुर के खरीक में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) की ‘सी’ योजना के तहत एक सौर ऊर्जा इकाई स्थापित की जा रही है। इस परियोजना पर एक निजी कंपनी लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च कर रही है, और मौके पर कई सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
2400 किलोवाट (2.4 मेगावाट) क्षमता वाली इस इकाई से प्रति किलोवाट प्रतिमाह 120 यूनिट उत्पादन के मानक के आधार पर, लगभग 2.88 लाख यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन मौसम और धूप की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। भागलपुर में आधा दर्जन से अधिक नई इकाइयां पाइपलाइन में हैं, जो भविष्य में क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगी।
बांका में 85 मेगावाट के विशाल सोलर प्लांट
पड़ोसी जिला बांका बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बना हुआ है। वहां कुल 85 मेगावाट क्षमता के चार बड़े सोलर प्लांट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बांका के शंभुगंज में सूर्यांता प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की 5 मेगावाट क्षमता वाली इकाई पहले ही शुरू हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त, ककवारा में एकमी कंपनी का 25 मेगावाट का प्लांट, कटोरिया में अवदा कंपनी का 50 मेगावाट का प्लांट और बौंसी में उदिता कंपनी का 5 मेगावाट का सोलर प्लांट भी पूरी तरह से सक्रिय है। बांका के पहाड़ी और कम आबादी वाले क्षेत्रों में बड़े भूखंडों की सुगमता से उपलब्धता इन विशाल सोलर प्लांट को स्थापित करने में काफी सहायक सिद्ध हुई है।
विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, भागलपुर के उप महाप्रबंधक सह विद्युत अधीक्षण अभियंता इ. संजय कुमार बरियो ने बताया, ‘बांका में स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन शुरू होने से लो वोल्टेज और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की पुरानी समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है। भागलपुर में भी इन सौर ऊर्जा इकाइयों के धरातल पर उतरने से बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। बड़े कमर्शियल प्लांट के मामले में भागलपुर भले ही अभी शुरुआती दौर में हो, लेकिन घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने में यहां के लोग काफी आगे हैं।’
भागलपुर में घरों की छतों पर चमकते सोलर पैनल: चौथा स्थान
बड़े कमर्शियल प्लांट के मामले में भागलपुर अभी भले ही शुरुआती दौर में हो, लेकिन घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने में यहां के लोग काफी आगे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर जिले में अब तक 1470 घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। इस सूची में भागलपुर ने पूरे बिहार में चौथा स्थान हासिल किया है, जो हरित ऊर्जा के प्रति यहां के निवासियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में पटना 11,981 घरों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि मुजफ्फरपुर 2,583 घरों के साथ दूसरे और नालंदा 1,913 घरों के साथ तीसरे स्थान पर है। भागलपुर में जमीन महंगी होने के कारण बड़े भूखंड हासिल करना एक चुनौती है, फिर भी यहां आधा दर्जन से अधिक नई सोलर इकाइयां प्रस्तावित हैं।
भागलपुर और बांका दोनों जिलों में ग्रीन ऊर्जा के विस्तार पर तेजी से काम चल रहा है। इन वैकल्पिक स्रोतों के आने से पारंपरिक ऊर्जा पर हमारी निर्भरता कम होगी, बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी, और क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाएगा।







