Bihar Vidhan Parishad Chunav: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। खास तौर पर पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, जहां जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सामने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने खुली चुनौती पेश की है। अनंत सिंह ने जन सुराज के पूर्व प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे इस सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा होने की उम्मीद है।
जन सुराज ने रविवार को विधान परिषद की पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, लेकिन पटना स्नातक सीट को अभी होल्ड पर रखा है। इस रणनीतिक चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है। नीरज कुमार पिछले तीन चुनावों से लगातार इस सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं, ऐसे में अनंत सिंह का यह ‘अनुज दांव’ जेडीयू के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
अनंत सिंह का खुला समर्थन और पीके की रणनीति
मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने स्पष्ट घोषणा की है कि पटना स्नातक सीट के चुनाव में उनका समर्थन डॉ. अनुज सिंह के साथ रहेगा। उनके इस रुख ने जेडीयू के भीतर भी इस सीट को लेकर सियासी खींचतान को चर्चा में ला दिया है। डॉ. अनुज सिंह वही हैं जो बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।
जब प्रशांत किशोर से डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि ‘अनुज सिंह अभी जन सुराज में हैं और पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।’ हालांकि, पटना स्नातक सीट से उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं, इस पर प्रशांत किशोर ने साफ किया कि ‘टिकट देने का फैसला पार्टी करती है और यह उनका काम नहीं है।’ प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक अटकलों का दौर और तेज हो गया है। पार्टी ने अभी तक इस सीट पर उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, जिसे रणनीतिक इंतजार के तौर पर देखा जा रहा है।
बांकीपुर के बाद विधान परिषद पर जन सुराज की नजर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद जन सुराज और प्रशांत किशोर की नजर अब विधान परिषद चुनाव पर है। बांकीपुर चुनाव के दौरान नीरज कुमार और प्रशांत किशोर के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर को जीत मिली थी। अब पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के सामने जन सुराज की संभावित चुनौती को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
जन सुराज से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहती। माना जा रहा है कि पार्टी पहले जेडीयू की ओर से उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रही है। इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जा सकता है। अनुज सिंह के नाम पर अनंत सिंह का खुला समर्थन जन सुराज के लिए एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस समर्थन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
नीरज बनाम अनंत की पुरानी अदावत, अब क्या होगा समीकरण?
पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला सिर्फ दलों के बीच का चुनाव नहीं रह गया है। नीरज कुमार के सामने अनंत सिंह के खुलकर विरोध ने इसे जेडीयू के अंदरूनी समीकरणों से भी जोड़ दिया है। अनंत सिंह के समर्थन से डॉ. अनुज सिंह की दावेदारी कितनी मजबूत होती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। यदि जन सुराज आधिकारिक तौर पर डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारता है, तो चुनाव में नीरज कुमार और डॉ. अनुज सिंह के बीच सीधा मुकाबला बन सकता है। प्रशांत किशोर की चुप्पी ने भी इस सीट पर रहस्य बढ़ा दिया है। अब सभी की नजर जन सुराज की अगली घोषणा पर टिकी है।







