
बिहार वित्तीय समीक्षा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए अहम बैठक की अध्यक्षता की। पटना में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने वित्त विभाग सहित आंतरिक संसाधनों से जुड़े विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उनका सीधा संदेश था – वित्तीय अनुशासन लाओ और राजस्व बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशो।
गुरुवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वित्त विभाग, वाणिज्य कर विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, परिवहन विभाग, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ गहन बिहार वित्तीय समीक्षा की। सभी विभागों ने अपने राजस्व संग्रहण लक्ष्यों और प्राप्तियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे और बेहतर बनाने के लिए सुनियोजित ढंग से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीएम सम्राट चौधरी की बिहार वित्तीय समीक्षा: दिए ये निर्देश
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण को बढ़ाने और उसे संवर्धित करने के लिए अधिकारियों को नवाचार (Innovation) अपनाना होगा और नई संभावनाओं को तलाशना होगा। सभी विभागों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अपेक्षित कार्रवाई की जाए। संसाधनों का सदुपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य का बजट आकार काफी बढ़ा है, और राज्य में विकास के कई कार्य प्रगति पर हैं, जिससे लोगों के हितों में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सुनिश्चित करना सभी विभागों का दायित्व है कि इन प्रयासों का अधिकतम लाभ जनता तक पहुँचे।
बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, वाणिज्य कर विभाग के आयुक्त सह सचिव संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह, परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार, भू-अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशक सुहर्ष भगत, और खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा शामिल थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







