Bihar Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बन रहे शक्तिशाली चक्रवाती तूफान के कारण बिहार का मौसम अगले कुछ दिनों तक पूरी तरह बदल जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने शुक्रवार को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य में व्यापक स्तर पर भारी बारिश, भयंकर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की आशंका है। इस मौसमी बदलाव से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
नेपाल के कई क्षेत्रों में अगले सप्ताह से बारिश होने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के प्रभाव से बारिश होने का अनुमान है। अगले मंगलवार से एक सप्ताह से अधिक समय तक बारिश होने की संभावना दिखा रहे हैं। उन्होंने चार मौसम पूर्वानुमान मॉडलों के औसत अनुमान का चित्र साझा करते हुए बताया कि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में ऐसे बन रहा चक्रवाती तूफान
मौसम विभाग के संख्यात्मक मॉडलों के विश्लेषण से पता चला है कि दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के ऊपर एक वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी के प्रभाव से 23 अक्टूबर को एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह निम्न दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर को अवदाब में, 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब में और फिर 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। इसके बाद, यह चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा तटों की ओर बढ़ सकता है।
बिहार पर क्या होगा चक्रवाती तूफान का असर? जानें ताजा Bihar Weather Alert
चक्रवाती तूफान के कारण बिहार में पूर्वी हवाओं का प्रवाह तेज हो रहा है, जिससे वायुमंडल में आर्द्रता लगातार बढ़ रही है। इसी के परिणामस्वरूप, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 29 अक्टूबर को राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इस दौरान मेघगर्जन, वज्रपात और झोंकेदार हवाएं चलेंगी, जो स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वज्रपात के कारण जान-माल और पशुधन की हानि हो सकती है। आंधी-वज्रपात से खड़ी फसलों और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, तेज हवा और खराब मौसम के कारण झुग्गी-झोपड़ियों तथा कच्चे मकानों को भी भारी क्षति होने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवाती तूफान का सर्वाधिक असर बिहार के उन इलाकों में देखा जाएगा जो झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे हैं। मौसम विभाग ने सीमांचल और दक्षिण बिहार में मौसम अधिक खराब होने की आशंका जताई है। 29 अक्टूबर को विशेष रूप से गया, कैमूर, औरंगाबाद, पूर्णिया और किशनगंज जिलों और इनके आसपास के इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं।
किसानों और आम लोगों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर ने किसानों से अपील की है कि यह खरीफ फसलों की कटाई का समय है, इसलिए पकी हुई फसलों को तुरंत काटकर सुरक्षित स्थानों पर भंडारित कर लें। खेतों में कटी हुई और खुले स्थानों पर सूखने के लिए रखी गई फसलों को बारिश से बचाना बेहद जरूरी है। यदि बहुत आवश्यक न हो, तो इस अवधि के दौरान फसलों की कटाई स्थगित रखें और सब्जियों की फसलों में सिंचाई अभी न करें।
आम लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न रहें। ऐसे समय में पक्के भवन में शरण लेना सबसे सुरक्षित है। बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन और अन्य विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।








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