Bihar Weather: मानसून की सक्रियता के चलते बिहार में आज यानी 30 जुलाई को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहने वाला है। राज्य के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहेंगे, जबकि हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की प्रबल संभावना जताई गई है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।
18 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अररिया, किशनगंज और सीतामढ़ी सहित लगभग 18 जिलों में बारिश हो सकती है। इनमें मुख्य रूप से उत्तर बिहार और सीमांचल के जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं चलने और छिटपुट से मध्यम वर्षा दर्ज होने के आसार हैं। कुछ जगहों पर वज्रपात का गंभीर खतरा बना हुआ है, इसलिए खुले में या ऊंचे पेड़ों तथा धातु की वस्तुओं के पास न खड़े होने की विशेष सलाह दी जा रही है।






आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक से घने बादल छाए रह सकते हैं। दिन के समय उमस में वृद्धि होगी, लेकिन शाम या रात के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पटना समेत कुछ क्षेत्रों में भी बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है।
मानसून ट्रफ से बढ़ेगी बिहार में बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून ट्रफ की स्थिति और निम्न दबाव के सिस्टम के प्रभाव से उत्तर-पूर्वी और सीमावर्ती जिलों में बारिश की संभावना अधिक है। अररिया, किशनगंज, सीतामढ़ी के अलावा पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा जैसे आसपास के जिलों में भी मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक तक पहुंच सकती है, जो स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे किसानों और आम जनजीवन पर भी असर पड़ सकता है।








