दरभंगा में दीवार गिरने: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक 10 वर्षीय बच्ची की दीवार गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे निर्माण में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के धमसाइन गांव में सोमवार सुबह एक 10 वर्षीय बच्ची पर दीवार गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान शमशे आलम की पुत्री सीमा खातून के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बच्ची बाजार से लौट रही थी, तभी हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सीमा खातून सुबह बाजार से कुछ सामान लेकर अपने घर लौट रही थी। वह गांव की एक संकरी गली से गुजर रही थी, तभी अचानक पड़ोसी की चहारदीवारी उस पर ढह गई। मलबे के नीचे दबने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बच्ची की मदद के लिए दौड़े।
दरभंगा में दीवार गिरने: पटना ले जाते वक्त तोड़ा दम
स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्ची को तुरंत इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) ले जाया गया। डीएमसीएच में डॉक्टरों ने सीमा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया। हालांकि, पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही सीमा खातून की मौत हो गई। धमसाइन गांव में सोमवार सुबह यह दुखद घटना तब हुई जब दरभंगा में दीवार गिरने के चलते एक मासूम की जान चली गई।
परिजनों ने निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया
मृतका के चाचा कमरे आलम ने बताया कि जिस चहारदीवारी के गिरने से यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह बिना किसी मजबूत सहारे के बनाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दस इंच मोटी इस दीवार को सही तरीके से सपोर्ट नहीं दिया गया था, जिसके कारण वह अचानक ढह गई और सीमा उसकी चपेट में आ गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस चहारदीवारी के निर्माण में लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद परिजनों में गहरा दुख है और पूरे गांव में गम का माहौल है। ग्रामीण भी इस निर्माण में लापरवाही को लेकर काफी आक्रोशित हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।






