Darbhanga Cybercrime: दरभंगा BJP अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना का WhatsApp हैक! | पढ़िए – फिर क्या हुआ? साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष के आवेदन के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वहीं, भाजपा संगठन ने अपने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता से विशेष अपील की है। उन्हें आगाह किया गया है कि- पढ़िए विस्तार से







बिहार के दरभंगा में भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना का व्हाट्सएप अकाउंट साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया है। इस घटना के बाद ठगों ने उनके नाम पर कई लोगों से आर्थिक सहायता के बहाने पैसे मांगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष ने तत्काल साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने इस Darbhanga Cybercrime की जांच शुरू कर दी है।
हैकर्स ने जिलाध्यक्ष के नाम पर लोगों से मांगे पैसे
मिली जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने आदित्य नारायण मन्ना के व्हाट्सएप अकाउंट का गलत इस्तेमाल करते हुए उनके परिचितों और अन्य लोगों को संदेश भेजकर पैसों की मांग की। जैसे ही इस धोखाधड़ी की जानकारी जिलाध्यक्ष को मिली, उन्होंने बिना देर किए साइबर थाने में इसकी सूचना दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की।
भाजपा संगठन ने अपने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता से विशेष अपील की है। उन्हें आगाह किया गया है कि यदि आदित्य नारायण मन्ना के नाम से कोई भी संदेश, कॉल या आर्थिक मदद का अनुरोध आता है, तो उसकी सत्यता की पुष्टि किए बिना कोई भुगतान न करें। ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल की तुरंत सूचना साइबर थाने या प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।
साइबर डीएसपी ने दी महत्वपूर्ण जानकारी और चेतावनी
साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष के आवेदन के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मन्ना का कॉल फॉरवर्डिंग और मैसेज फॉरवर्डिंग किसी दूसरे नंबर पर सक्रिय कर दिया गया था, जिसका दुरुपयोग उनके नाम से किया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल इस फॉरवर्डिंग सेवा को बंद करवा दिया है।
डीएसपी बिपिन बिहारी ने आगे कहा कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई जाती, तो बैंक से आने वाले ओटीपी और अन्य संवेदनशील संदेशों का भी गलत इस्तेमाल हो सकता था। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार की आर्थिक ठगी की कोई सूचना नहीं मिली है। पुलिस उस नंबर की भी गहन जांच कर रही है, जिस पर कॉल और मैसेज फॉरवर्ड किए गए थे।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या पैसों की मांग करने वाले संदेश पर बिल्कुल भरोसा न करें। सतर्क रहें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपको साइबर अपराधियों का शिकार बना सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। पुलिस ने आम जनता को साइबर ठगी से बचाने के लिए लगातार जागरूकता फैलाने की बात कही है और इस मामले में शामिल अपराधियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है।
पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई, कॉल फॉरवर्डिंग बंद करा दी
साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर साइबर थाना में तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिलाध्यक्ष का कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग किसी अनजान नंबर पर एक्टिव कर दिया गया था, जिसके जरिए उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। तत्काल प्रभाव से इस फॉरवर्डिंग सेवा को बंद करवा दिया गया है, जिससे आगे होने वाले किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोका जा सके।
OTP और बैंक फ्रॉड से बचने की अपील, जांच जारी
डीएसपी बिपिन बिहारी ने आगे बताया कि अगर समय रहते इस धोखाधड़ी को रोका नहीं जाता, तो बैंक से आने वाले ओटीपी समेत अन्य गोपनीय संदेशों का दुरुपयोग हो सकता था। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी या ठगी की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस उस संदिग्ध नंबर की गहनता से जांच कर रही है, जिस पर कॉल और मैसेज फॉरवर्ड किए जा रहे थे, ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
आम जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या पैसों की मांग करने वाले संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। थोड़ी सी भी असावधानी आपको साइबर अपराधियों का शिकार बना सकती है, इसलिए सतर्क रहें।









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