Gaya News: बिहार खाद्य सुरक्षा विभाग ने गया के प्रमुख मसाला बाजार, पुरानी गोदाम में बेची जा रही हल्दी की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाल ही में हुई जांच में हल्दी के कई नमूनों में सीसे (लेड) की अत्यधिक मात्रा पाई गई है। यह खुलासा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।
हल्दी में लेड की खतरनाक मात्रा: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
खाद्य सुरक्षा विभाग, प्योर अर्थ इंडिया और उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक विशेष जागरूकता और निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान हल्दी के नमूनों का पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF) एनालाइजर से परीक्षण किया गया। निरीक्षण में सामने आया कि 40% हल्दी के नमूनों में सीसे का स्तर खाद्य सुरक्षा मानकों से अधिक था।






अभियान में शामिल अधिकारियों और विशेषज्ञों ने व्यापारियों को बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, हल्दी में सीसे की अधिकतम स्वीकार्य सीमा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित सीमा से अधिक सीसा युक्त हल्दी का लंबे समय तक सेवन गंभीर स्वास्थ्य परिणाम दे सकता है, खासकर बच्चों के लिए।
विशेषज्ञों ने बताया कि सीसे के अत्यधिक संपर्क से शारीरिक और मानसिक विकास, तंत्रिका तंत्र, गुर्दे और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कुछ हल्दी के नमूनों में तो सीसे की सांद्रता निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई। हालांकि, जांच किए गए 60% हल्दी के नमूने सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए। अधिकारियों ने व्यापारियों को सलाह दी कि वे केवल विश्वसनीय और प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से ही हल्दी खरीदें और उपभोक्ताओं को बेचने से पहले गुणवत्ता सत्यापन सुनिश्चित करें।
व्यापारियों को चेतावनी और सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इस जागरूकता अभियान में खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी मुकेश कश्यप, प्योर अर्थ इंडिया की संचार निदेशक जेहरा काजमी, वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक इमर्सिया शर्मेन, कार्यक्रम प्रबंधक पोनशियन केरकेट्टा, उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के निदेशक सौरभ समदर्शी और अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे।
मुकेश कश्यप ने सख्त चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करेगा और खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और परीक्षण अभियान जारी रखेगा।
अभियान के समापन पर, व्यापारियों और विक्रेताओं ने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि वे अत्यधिक सीसा युक्त या निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा न करने वाले हल्दी और अन्य खाद्य उत्पादों को खरीदने या बेचने से परहेज करेंगे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही खाद्य उत्पाद खरीदें और उत्पादों की गुणवत्ता के प्रति सतर्क रहें।








