Bihar JDU UP Election: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बिहार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बड़ा दांव चला है। पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और करीब 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है। जदयू का विशेष ध्यान पूर्वांचल और उन सीटों पर है, जहां कुर्मी और कुशवाहा समुदाय की आबादी निर्णायक मानी जाती है। पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, हालांकि सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
पार्टी के यूपी प्रभारी और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया है कि गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर NDA के साथ सहमति नहीं बनती है, तो जदयू करीब 50 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में जदयू की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
गठबंधन पर नजर, 60 सीटों पर तैयारी
जदयू प्रवक्ता कुंवर अजय सिंह के अनुसार, पार्टी उत्तर प्रदेश की लगभग 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी में जुटी है। जदयू का कहना है कि वह NDA का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ना चाहती है और सीट बंटवारे में सम्मानजनक हिस्सेदारी की उम्मीद रखती है। श्रवण कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी तैयारी जोरों पर है और गठबंधन को लेकर विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है।
जदयू के यूपी प्रभारी श्रवण कुमार ने कहा, ‘गठबंधन पर बातचीत चल रही है। अगर सहमति नहीं बनती है तो पार्टी करीब 50 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है।’
हाल के महीनों में जदयू ने उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को काफी बढ़ाया है। अगस्त में श्रवण कुमार ने मेरठ में कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसमें संगठन विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
वाराणसी से होगा चुनावी अभियान का आगाज
जदयू के चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक, पार्टी 25 अक्टूबर को वाराणसी में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। इस सम्मेलन में निशांत कुमार के शामिल होने की बात कही गई है, जो पार्टी के चुनावी अभियान का शंखनाद करेंगे। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए उत्तर प्रदेश में अपने संगठन और चुनावी गतिविधियों को गति देने की योजना बना रही है। जदयू लगातार यूपी में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर काम कर रही है। इससे पहले भी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठकों में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठन विस्तार पर गहन चर्चा हो चुकी है।
पूर्वांचल पर जदयू का खास फोकस
जदयू की चुनावी रणनीति में पूर्वांचल को एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी गाजीपुर, बलिया, चंदौली और सोनभद्र जैसे जिलों में अपने संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। जदयू नेताओं का मानना है कि बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में पार्टी के लिए संगठन विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, यह NDA के साथ होने वाले सीट बंटवारे और गठबंधन पर होने वाली बातचीत के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
निशांत कुमार की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता
हाल के महीनों में निशांत कुमार जदयू के कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जदयू की नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। हाल ही में जदयू के एक कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों को संबोधित भी किया, जिससे पार्टी के भीतर उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता चर्चा का विषय बन गई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अभी चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में जदयू द्वारा बताई गई सीटों की संख्या को फिलहाल पार्टी की चुनावी तैयारी और दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए। NDA के भीतर सीटों के बंटवारे पर अंतिम बातचीत और उम्मीदवारों के चयन के बाद ही जदयू के चुनाव लड़ने की अंतिम तस्वीर साफ होगी।






