Darbhanga crime: बिहार के दरभंगा में एक नाबालिग छात्रा से छेड़खानी के मामले में पुलिस ने रिकॉर्ड समय में कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है। जमालपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के पांच घंटे के भीतर ही पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को भी निरूद्ध किया गया है। दरभंगा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा का मजबूत संदेश गया है।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ था कीरतपुर में?
यह घटना 21 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:00 बजे की है, जब कीरतपुर गांव की एक नाबालिग छात्रा हाई स्कूल जा रही थी। तभी बाइक पर सवार दो युवक उसका पीछा करने लगे और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। यह देख स्थानीय दुकानदार और ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया। विरोध करने पर दोनों युवकों ने दुकानदार के साथ मारपीट भी की। जब आसपास के लोग जमा होने लगे, तो दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से फरार हो गए।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जमालपुर थानाध्यक्ष को पूरे मामले से अवगत कराया। जमालपुर थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21.09.2026 को कांड संख्या 97/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 76, 78(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8, 10 के अंतर्गत मामला दर्ज किया।
दरभंगा पुलिस की त्वरित टीम और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए, दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। इस टीम ने मात्र पांच घंटे के भीतर ही कांड में संलिप्त मुख्य अभियुक्त राजू सदा (उम्र 19 वर्ष, पिता छटकी सदा, निवासी कीरतपुर, थाना जमालपुर, जिला दरभंगा) को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, एक विधि विरुद्ध बालक को भी निरूद्ध किया गया।
छापामारी दल में पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, पु०अ०नि० संजीव कुमार, पु०अ०नि० शिवपूजन कुमार और जमालपुर थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और बरामदगी
गिरफ्तार अभियुक्त राजू सदा और निरूद्ध किए गए विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ माननीय न्यायालय के माध्यम से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दरभंगा पुलिस की यह फुर्तीली कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जिले में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मियों की सराहना की है।






