Bihar Stampede: सोमवार सुबह लखीसराय के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) के पास हुए दर्दनाक हादसे की असली वजह सामने आ गई है। इस भीषण दुर्घटना में आठ महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले यह माना जा रहा था कि 11 हजार वोल्ट का तार गिरने और करंट लगने से मौतें हुई हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने एक प्रेस वार्ता में आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं हुई, बल्कि एक झूठी अफवाह के बाद मची भीषण भगदड़ के कारण ये हृदयविदारक घटना घटी।
अशोकधाम मंदिर में चीख-पुकार! दो मिनट में सब खत्म, 7 श्रद्धालुओं की मौत, बिहार में मचा हाहाकार
Bihar Stampede: सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। सोमवार सुबह जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ में भीषण भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। उनके अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुआ, जब श्रद्धालुओं की भीड़ अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच चुकी थी।
दो ट्रेनों के ठहराव और अफवाह ने बढ़ाई भीड़ की मुसीबत
डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई थी। अशोकधाम हॉल्ट पर एक साथ दो ट्रेनें रुक गईं, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ मंदिर की ओर बढ़ने लगे। इसी अफरा-तफरी के बीच पुरुषों की कतार के दाहिनी ओर बिजली का एक खंभा गिर गया। इसके बाद यह अफवाह तेजी से फैली कि बिजली का ‘लाइव’ तार श्रद्धालुओं पर गिर गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गिरा हुआ तार ‘लाइव’ नहीं, बल्कि ‘केबल’ वायर था।
जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा, ‘पूरा घटनाक्रम करीब दो मिनट के भीतर हुआ। अफवाह और भीड़ के दबाव के कारण महिलाओं की लाइन में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे कई महिलाएं एक-दूसरे पर गिर गईं और बड़ी संख्या में लोग दब गए।’
एक प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु ने बताया कि वह लाइन में खड़ी थी, तभी पीछे से 10 से 12 महिलाओं ने धक्का दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। घायलों को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद नहीं टला हादसा
लखीसराय जिला प्रशासन के अनुसार, पुलिस और प्रशासन की टीमें सुबह 3 बजे से ही मंदिर क्षेत्र में गश्त कर रही थीं और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी हुई थीं। हादसे के बाद भी प्रशासन की टीमें सक्रियता से सदर अस्पताल पहुंचीं और घायलों के इलाज की व्यवस्था में लग गईं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं में मधुबाला देवी (पति निरंजन कुमार सिंह, बड़ाहिया), रिंकू देवी (पति नीरज यादव, सफिया सराय मुंगेर), हेमलता देवी (पति सुरेंद्र यादव, प्रतापपुर हलसी, लखीसराय) और कबीला देवी (बाढ़) शामिल हैं। वहीं, घायलों में मौसम कुमारी (पिता ललन राम, लक्ष्मीपुर), मुस्कान कुमारी (पिता ललन राम, विद्यापीठ चौक), ममता देवी (पति धारो यादव, चननिया लखीसराय), विमला देवी (पति विनोद राम, मोकामा), रीना कुमारी (पति राजेश सिंह, बभनगामा लखीसराय) और शिवानी कुमारी (पिता रामेश्वर राम, फरीदाबाद लखीसराय) प्रमुख हैं। अन्य घायलों का भी इलाज चल रहा है। इस दुखद घटना ने सावन के पावन अवसर पर शोक की लहर फैला दी है।
करंट लगने की बात खारिज, प्रशासन ने बताई असली वजह
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस वार्ता कर आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि एक झूठी अफवाह के बाद मची भीषण भगदड़ के कारण हुई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, घटना की मुख्य वजह अशोक धाम हॉल्ट पर एक ही समय में दोनों दिशाओं से ट्रेनों का आ जाना था। इस दौरान स्टेशन और मंदिर के आसपास मौजूद कुछ युवकों ने अचानक भागदौड़ शुरू कर दी। इसी भारी अफरा-तफरी के बीच वहां लगा एक बिजली का पोल भीड़ के दबाव या भगदड़ के कारण नीचे गिर गया। पोल गिरते ही वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह तेजी से फैल गई कि जमीन पर करंट दौड़ गया है, जिसने Bihar Stampede की स्थिति पैदा कर दी।
जिला प्रशासन ने साफ किया कि जिस वक्त बिजली का पोल गिरा था, उस समय इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद थी। इसके अलावा, जो तार जमीन पर गिरा, वह पूरी तरह से कवर्ड यानी इंसुलेटेड था। इन तथ्यों के बावजूद, अफवाह ने श्रद्धालुओं के मन में ऐसी दहशत फैलाई कि लोग अपनी जान बचाने के लिए बेतहाशा भागने लगे। इसी अंधी दौड़ में कतार में खड़ी महिलाएं बेकाबू भीड़ के धक्के से नीचे गिर गईं। लोगों के पैरों तले कुचले जाने से आठ महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की हुई पहचान, जारी है राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाली कुछ महिलाओं की पहचान सार्वजनिक की है:
| नाम | उम्र | पति का नाम | पता |
|---|---|---|---|
| मनमाला देवी | 44 | निरंजन कुमार | वार्ड नंबर 12, इंद टोला, बड़हिया, लखीसराय |
| रिंकू देवी | 50 | नीरज यादव | फरदा, थाना सफियासराय, जिला मुंगेर |
| हेमलता देवी | 55 | सुरेंद्र यादव | कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय |
| ललिता देवी | अज्ञात | गोरेलाल यादव | प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय |
यह घटना अफवाहों के खतरों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन ने आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








