Tarapith Hotel Fire: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। श्रावण मास में पूजा-अर्चना के लिए आए भक्तों में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है।
यह घटना तारापीठ थाना क्षेत्र के होटल ‘विदेशिनी’ में सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, होटल के बिजली आपूर्ति केंद्र में अचानक हुए विस्फोट के बाद आग तेजी से फैली। आशंका है कि बिजली के तारों में खराबी के कारण यह हादसा हुआ।
कमरों में फंसे रहे श्रद्धालु, मची चीख-पुकार
आग लगने के समय अधिकांश श्रद्धालु गहरी नींद में थे। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे होटल में घना धुआं फैल गया, जिससे कई लोग अपने कमरों में फंस गए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही तारापीठ और रामपुरहाट थाने की पुलिस दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।
तपनज्योति मंडल ने आपबीती सुनाते हुए बताया, ‘मैं अपनी पत्नी, दो बच्चों, मां और बहन के साथ तारापीठ में पूजा करने आया था। मेरा परिवार लगभग 45 मिनट तक होटल के कमरे में फंसा रहा। कमरे में कोई खिड़की नहीं होने के कारण हमने शौचालय के ऊपरी हिस्से से बाहर निकलने की कोशिश की। बाद में तारापीठ पुलिस ने दरवाजा तोड़कर हमें बाहर निकाला। मेरी मां अभी भी बेहोश हैं, जबकि मेरी बहन झुलस गई है।’
तारापीठ होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
होटल मालिक कल्याण पाल के अनुसार, सुरक्षाकर्मी आग लगते ही अग्निशमन यंत्र का उपयोग करने और बिजली की आपूर्ति बंद करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, होटल की सजावट में इस्तेमाल रेशेदार सामग्री ने आग को और तेजी से फैलाने में मदद की, जिससे धुआं पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया।
कई श्रद्धालु घबराहट में बाहर निकलने की कोशिश में आग की चपेट में आ गए। इस घटना के बाद से तारापीठ होटल की सुरक्षा व्यवस्था और आग बुझाने के इंतजामों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
झुलसे लोगों को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। आग के वास्तविक कारणों और होटल की सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।







