Bihar PMFME Scheme: मधुबनी जिले के विस्फी प्रखंड की निवासी बीभा देवी ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। केड़वार गांव की विभा देवी ने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि क्षेत्र के पांच अन्य लोगों को भी रोजगार का अवसर प्रदान किया है। उनकी यह सफलता कहानी बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
सरकारी योजना से मिली मदद, ऐसे शुरू हुआ सफर
विभा देवी को उद्योग विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना के बारे में जानकारी मिली। इस योजना से प्रेरित होकर, उन्होंने 30 मई 2024 को अपनी तेल मिल इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया। इस पहल के लिए उन्हें योजना के तहत 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इसी सहयोग से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और स्थानीय बाजार में गुणवत्तापूर्ण तथा किफायती तेल उपलब्ध कराना शुरू कर दिया।






विभा देवी ने बताया, ‘मुझे उद्योग विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त हुई। व्यवसाय शुरू करने के शुरुआती दिनों में उत्पाद को बाजार में पहचान दिलाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर मेहनत और ग्राहकों के विश्वास से हमारी तेल मिल ने पहचान बना ली।’
बाजार में पहचान और पांच परिवारों को रोजगार
शुरुआती दौर में बाजार में पहचान बनाने में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, विभा देवी ने हार नहीं मानी। उनकी कड़ी मेहनत, उत्पादों की गुणवत्ता और ग्राहकों के बढ़ते विश्वास ने धीरे-धीरे उनकी तेल मिल को स्थानीय बाजार में एक मजबूत पहचान दिलाई। आज उनकी इस पहल से स्वयं के अलावा पांच अन्य लोगों को भी प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी कम हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ी मजबूती मिली है।
युवाओं के लिए प्रेरणा और भविष्य की योजनाएं
विभा देवी की सफलता की कहानी अन्य युवाओं और महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है। अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनकी इकाई में तेल निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन व्यवसाय के विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होगी।
युवाओं को संदेश देते हुए विभा देवी ने कहा, ‘बिहार जैसे राज्य में कुशल श्रमिक और पर्याप्त बाजार उपलब्ध हैं। यदि युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग स्थापित करें तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार प्रदान कर सकते हैं।’
यह उदाहरण दर्शाता है कि सही दिशा में सरकारी सहायता और व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प से कैसे न केवल एक व्यक्ति की जिंदगी बदल सकती है, बल्कि वह समाज में रोजगार सृजन का माध्यम भी बन सकता है।








