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Nepal जाने वाले सावधान! अब इन कागज़ात के बिना नहीं मिलेगी एंट्री, पढ़िए रिपोर्ट

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पटना: पड़ोसी देश नेपाल जाना अब और कड़ा हो गया है। हाल ही में नेपाल सीमा शुल्क विभाग ने भारतीय वाहनों के लिए नए नियम जारी किए हैं, जिनका सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। अब आपको पहचान पत्र और ऑनलाइन घोषणा के बिना नेपाल में प्रवेश नहीं मिलेगा।

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नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

नेपाल सीमा शुल्क विभाग के नए निर्देशानुसार, अब नेपाल जाने वाले सभी वाहन चालकों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, उन्हें QR कोड स्कैन करके ऑनलाइन अस्थायी वाहन घोषणा प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया में वाहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजात और बीमा शुल्क जमा करना भी शामिल है। यह नए नियम (Nepal new rules for Indian vehicles) रोजाना भिट्ठामोड़ बॉर्डर से नेपाल आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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व्यापार और पर्यटन पर असर

स्थानीय व्यवसायी मनीष मल्होत्रा का कहना है कि नेपाल के नए नियमों ने उनके व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है। वे बताते हैं कि एक तरफ आधिकारिक रास्ते बंद हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चोरी-छिपे दूसरे रास्तों से सामान की आवाजाही धड़ल्ले से जारी है, जिससे ईमानदार व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।

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व्यवसायी पुष्पम पासवान के अनुसार, अब भारतीय क्षेत्र के वाहनों के लिए एक वर्ष तक 30 दिन की ‘भंसार’ (कस्टम) मान्यता का नियम काफी कड़ा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बाधित होंगी।

क्या हैं अनिवार्य दस्तावेज और मांगें?

सीमावर्ती क्षेत्रों और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए स्थानीय कपड़ा व्यवसायी आलोक कुमार झा और मोहन प्रसाद ने अनिवार्य नियमों के बारे में जानकारी साझा की है। उनका कहना है कि कस्टम कार्यालय से वापस न लौटना पड़े, इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है: आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

  • गाड़ी के सभी वैध कागजात (चार पहिया वाहन, बस, या बाइक)
  • वाहन चालक और अन्य कर्मियों का वैध पहचान पत्र
  • रिश्तेदारों के यहां जाने वाले लोगों के लिए भी पहचान पत्र आवश्यक है।
  • तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का अनिवार्य पहचान पत्र।
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व्यवसायियों का मानना है कि नेपाल के भारतीय वाहनों के लिए नए नियम (Nepal new rules for Indian vehicles) और इन कड़े नियमों के कारण यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है। उनकी मुख्य मांग है कि पहचान पत्र की अनिवार्यता और ‘भंसार’ की सख्त प्रक्रिया में रियायत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि नेपाल सरकार के इस फैसले से सीमावर्ती व्यापार और पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से, नेपाल में भारतीय वाहन चलाने वालों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि नेपाल सरकार इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या इन कड़े नियमों में कोई ढील दी जाएगी, जो सीमा पार आवागमन और व्यापार के लिए अहम हैं। इन नए नियमों के तहत नेपाल में भारतीय वाहन चालकों को अब अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है।

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