Osama Shahab: पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे और रघुनाथपुर के विधायक ओसामा शहाब को एक जमीन विवाद मामले में बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिससे उनकी गिरफ्तारी का खतरा टल गया है। इस मामले में न्यायमूर्ति खातिम रजा की एकल पीठ ने ओसामा शहाब की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने क्यों दी राहत?
सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने कोर्ट को बताया कि सीवान में जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसका मालिकाना हक पहले से ही सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने दलील दी कि ओसामा शहाब ने इस जमीन को कानूनी रूप से खरीदा था, जबकि शिकायतकर्ता भी उसी संपत्ति पर अपना दावा कर रहा है। बचाव पक्ष ने जोर दिया कि जब तक सिविल कोर्ट में मालिकाना हक का मुद्दा तय नहीं हो जाता, तब तक इस जमीन पर निर्माण कार्य से जुड़ी कोई आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।






अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने कोर्ट को बताया, “प्राथमिकी में ओसामा शहाब पर सीधे तौर पर किसी आपराधिक कृत्य या धमकी देने का आरोप नहीं है। एफआईआर में केवल विधायक के मोबाइल फोन पर हुई बातचीत का जिक्र है।”
पहले भी मिली थी अंतरिम राहत
पटना हाईकोर्ट ने पहले भी इस मामले में ओसामा शहाब को अंतरिम राहत दी थी। पिछली सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने निचली अदालत से केस डायरी तलब की थी और निर्देश दिया था कि अगले आदेश तक ओसामा शहाब के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। सभी दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद, हाईकोर्ट ने ओसामा शहाब को अग्रिम जमानत प्रदान की।

इस फैसले से ओसामा शहाब को जमीन विवाद मामले में बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा, हालांकि सिविल कोर्ट में जमीन के मालिकाना हक का विवाद अभी भी जारी रहेगा। यह निर्णय बिहार की राजनीति और शहाबुद्दीन परिवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









