Patna Fire News: बिहार की राजधानी पटना में अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई गहन समीक्षा के बाद राज्य अग्निशमन विभाग ने छह होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने की अनुमति दे दी है। इन प्रतिष्ठानों में फायर ऑडिट के दौरान गंभीर खामियां पाई गई थीं, और नोटिस जारी होने के बावजूद उनमें सुधार नहीं किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजधानी में चल रहे व्यापक फायर ऑडिट अभियान के बीच यह कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है।
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पटना में अग्नि सुरक्षा उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर जिन प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग की मंजूरी मिली है, उनमें प्रमुख रूप से जमाल रोड स्थित होटल कुणाल इंटरनेशनल, होटल मुद्रिका और होटल बॉब्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक्जीबिशन रोड के कृष्णा मार्केट स्थित होटल विवेक और बोरिंग रोड चौराहा स्थित माँ भगवती कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को भी सील करने का निर्देश जारी किया गया है। सालिमपुर आहरा का होटल अप्सरा भी उन प्रतिष्ठानों की सूची में है, जिन पर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इन सभी संस्थानों का फायर ऑडिट किया गया था। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण कमियां उजागर हुईं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को इन खामियों को दूर करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था।
हालांकि, निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी उन्होंने आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया। इसी आधार पर अब इन सभी प्रतिष्ठानों को खाली कराकर सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई अग्नि सुरक्षा मानकों के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।
अस्पतालों पर भी मंडरा रहा खतरा
इस कार्रवाई का दायरा केवल होटलों तक ही सीमित नहीं है। जिला प्रशासन ने छह अस्पतालों और अन्य संस्थानों के खिलाफ भी राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इनमें कंकड़बाग का एडवांस पटना सेंट्रल हॉस्पिटल और एपेक्स हॉस्पिटल शामिल हैं। राजेंद्र नगर में स्थित पिनैकल हॉस्पिटल और आरोग्य वरदान हॉस्पिटल भी कार्रवाई के दायरे में हैं।
इसके साथ ही, रामकृष्णा नगर स्थित श्यामा ट्रस्ट हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा अगमकुआं स्थित एनसीडीसी भी उन संस्थानों में हैं, जिन पर सरकार की मंजूरी मिलते ही कार्रवाई की जा सकती है। बिहार फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के कारण इन स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि इन अस्पतालों को भी पहले नोटिस जारी करके अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था दुरुस्त करने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद, इन संस्थानों में अपेक्षित सुधार नहीं किए गए। ऐसे में अब प्रशासन ने अगला कदम उठाने का निर्णय लिया है ताकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अंतिम चेतावनी और आगे की कार्रवाई
फायर सेफ्टी को लेकर चल रहे विशेष अभियान के तहत पिछले चार दिनों में 470 से अधिक भवनों, होटलों, अस्पतालों, व्यावसायिक परिसरों और अन्य संस्थानों की जांच की गई है। निरीक्षण के साथ-साथ मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में लोगों की प्रतिक्रिया और तैयारियों का आकलन किया जा सके। इस अभियान में होटल, अस्पताल, अपार्टमेंट, मॉल, बैंक और सिनेमा हॉल जैसे सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अग्निशमन विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और उन्मुखीकरण कार्यशालाएं भी आयोजित कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि केवल अग्नि सुरक्षा उपकरण स्थापित करने से ही सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि उनका नियमित रखरखाव और कर्मचारियों का उचित प्रशिक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इस बीच, फायर ऑडिट में कमियां पाए जाने वाले 72 अन्य होटलों और अस्पतालों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर सभी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ भी सीलिंग सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन का यह कदम यह संदेश देता है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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