Patna Flood News: राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ नियंत्रण प्राधिकरणों की चिंता बढ़ गई है। अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रयागराज, वाराणसी और बक्सर से आने वाला पानी शहर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे गंगा का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में गंगा सभी प्रमुख गेज स्टेशनों पर खतरे के निशान से नीचे बह रही है। हालांकि, आने वाले दिन महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि ऊपरी इलाकों से अतिरिक्त पानी आने से जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है।
निचले इलाकों में बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा
अधिकारियों का अनुमान है कि एक बार जब ऊपरी इलाकों से पानी पटना पहुंचेगा, तो गांधी घाट पर जलस्तर 2.5 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, यदि नदी का स्तर 50 मीटर को पार कर जाता है, तो शहर के निचले हिस्सों में बाढ़ की संभावना काफी बढ़ जाएगी। गंगा का बढ़ता पानी पहले ही गुलबी घाट और कृष्णा घाट तक पहुंच चुका है, हालांकि अभी भी यह आधिकारिक खतरे के स्तर से नीचे है।






अधिकारियों ने कहा, “गांधी घाट पर जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 2.23 मीटर नीचे है। हालांकि, अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण हैं।”
बाढ़ सुरक्षा प्रभाग की गुरुवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न गेज स्टेशनों पर जलस्तर की स्थिति इस प्रकार है:

| गेज स्टेशन | जलस्तर | खतरे का निशान |
|---|---|---|
| दीघा घाट | 46.71 मीटर | 50.45 मीटर |
| गांधी घाट | 46.37 मीटर | 48.60 मीटर |
| मनेर | 47.60 मीटर | खतरे के निशान से नीचे |
| हथियादह | 38.75 मीटर | खतरे के निशान से नीचे |
गंगा का जलस्तर क्यों बढ़ रहा है?
बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों के अनुसार, गंगा में मौजूदा वृद्धि मुख्य रूप से सोन और गंडक नदियों से बढ़ते प्रवाह के कारण हो रही है। अधिकारियों ने नेपाल में लगातार बारिश और कोसी व बागमती सहित अन्य नदियों में बढ़ते डिस्चार्ज को भी बढ़ते जलस्तर का कारण बताया, जो अंततः निचले इलाकों में अधिक प्रवाह में योगदान करते हैं। इस बीच, श्रीपालपुर गेज पर पुनपुन नदी का जलस्तर 47.75 मीटर मापा गया, जो इसके खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.85 मीटर नीचे है, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
सुरक्षित हैं तटबंध, प्रशासन की पैनी नजर
अपर जिला मजिस्ट्रेट (आपदा प्रबंधन) डीपी शाही ने बताया कि पटना में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है और तटबंधों को किसी तरह के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, निरीक्षण से पता चलता है कि पटना शहरी सुरक्षा दीवार, दानापुर वितरणी तटबंध और देवना तथा उसरी ड्रेनेज के किनारे के तटबंध सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब तक कटाव या बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं पर अत्यधिक दबाव की कोई घटना सामने नहीं आई है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग आगामी दिनों में गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखेगा। अधिकारियों ने पश्चिमी क्षेत्रों से आने वाले पानी के प्रभाव को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।









