Bihar Health News: मुख्यमंत्री सम्राट के ‘बेहतर शिक्षा-बेहतर स्वास्थ्य’ के संकल्प को मजबूत करते हुए बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। इसी कड़ी में राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। अस्पताल में बेहतर और सटीक उपचार सुनिश्चित करने के लिए बी, सी और ई ब्लॉक का उद्घाटन सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आईजीआईएमएस के उपनिदेशक विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि संस्थान के पांच ब्लॉकों में से ए और डी ब्लॉक का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। इन ब्लॉकों में मरीजों के इलाज के लिए सभी आवश्यक और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। मरीजों के बढ़ते विश्वास और संख्या को देखते हुए, बी, सी और ई ब्लॉक का उद्घाटन डेढ़ महीने के भीतर करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

IGIMS में बढ़ेंगे 1750 बेड, मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं
उपनिदेशक सिन्हा ने जानकारी दी कि हाल ही में एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई थी। इस बैठक में दिशा-निर्देशों के आलोक में यह तय किया गया कि भवन के एयर कंडीशनिंग सिस्टम को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाया जाए। साथ ही, इन नए भवनों को अत्याधुनिक तकनीक और हर प्रकार के विशेष उपकरणों से लैस कर मरीज सेवा के लिए शुरू किया जाए। स्वास्थ्य विभाग और आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्य प्रगति पर है।
विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में आईजीआईएमएस में कुल 1397 बेड उपलब्ध हैं। बी, सी और ई ब्लॉक के उद्घाटन के बाद बेड की संख्या बढ़कर लगभग 1750 हो जाएगी। इन ब्लॉकों के निर्माण में 280 करोड़ रुपये की लागत आई है। यहां ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।
महंगे इलाज से मिलेगी मुक्ति, हर दिन हजारों मरीजों को फायदा
उपनिदेशक सिन्हा ने अस्पताल के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि रोजाना 6 से 7 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। यह आईजीआईएमएस प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि बिहारवासी अब निजी अस्पतालों के महंगे इलाज को छोड़कर आईजीआईएमएस के किफायती और सटीक इलाज पर भरोसा कर रहे हैं। गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों के लिए मुख्य इमरजेंसी, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और क्षेत्रीय चतुर्थ संस्थान में कुल 110 बेड की व्यवस्था है, जहाँ 24 घंटे डॉक्टर और मेडिकल अटेंडेंट मौजूद रहते हैं।
अस्पताल प्रशासन भविष्य में आपातकालीन बेड की संख्या बढ़ाने के लिए भी सक्रिय है। 500 बेड का नया भवन पूरी तरह से कार्यशील होने के बाद ओपीडी में खाली जगह पर 2500 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक इमरजेंसी वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे बिहार के लोगों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी।






