Bihar Form 6: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची से जुड़े ‘एसआईआर’ मामले को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि उसने नए फॉर्म 6 पर कोई न्यायिक फैसला नहीं सुनाया था। यह स्पष्टीकरण उन अटकलों पर विराम लगाता है, जिनमें चुनाव आयोग द्वारा इस फॉर्म में किए गए बदलावों को अदालत की मंजूरी मिली होने की बात कही जा रही थी।
फॉर्म 6 पर क्या है सुप्रीम कोर्ट का रुख?
अदालत ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया कि बिहार एसआईआर मामले की सुनवाई के दौरान, उसने नए फॉर्म 6 से संबंधित कोई भी न्यायिक फैसला नहीं दिया। इसका सीधा मतलब है कि चुनाव आयोग ने इस फॉर्म में जो बदलाव किए थे, उन्हें सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई औपचारिक सहमति या मंजूरी नहीं मिली है।
चुनाव आयोग के बदलावों पर नहीं मिली मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि उसने चुनाव आयोग द्वारा नए फॉर्म 6 में किए गए संशोधनों को अपनी स्वीकृति नहीं दी है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब मतदाता सूची में सुधार को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच चर्चा जारी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस स्पष्टीकरण से बिहार एसआईआर मामले और मतदाता सूची में फॉर्म 6 के उपयोग को लेकर स्थिति और साफ हो गई है। यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग के बदलावों पर न्यायिक मुहर नहीं लगी है, और इस मुद्दे पर आगे की कानूनी या प्रशासनिक कार्यवाही हो सकती है।







