
Mid-day Meal: बिहार के सहरसा से मिड-डे मील की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ गए हैं। दो दिनों के भीतर जिले के दो स्कूलों में बच्चों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया है, और दोनों बार आरोप भोजन में जहरीले सांप के हिस्से मिलने का है।
सहरसा, 08 मई (देशज टाइम्स)। बिहार के सहरसा जिले में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) को लेकर एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। ताजा मामला सौरबाजार प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय मुरचा का है, जहाँ शुक्रवार को मिड-डे मील खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों और अभिभावकों ने भोजन में सांप का कांटा और शरीर का हिस्सा मिलने का आरोप लगाया है, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरबजार थाना क्षेत्र की सहुरिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में मध्याह्न भोजन खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी। शिक्षकों और अभिभावकों की मदद से बच्चों को तत्काल सौरबजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। यह घटना गुरुवार को महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में हुई वारदात के बाद हुई है, जहाँ करीब 250 बच्चों के बीमार पड़ने की खबर आई थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। तब भी भोजन में किसी मृत जीव या सांप के बच्चे जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने की बात सामने आई थी।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की चर्चित बेटी रोहिणी आचार्य ने लिखा, देखिए .. बिहार में कुशासन का कमाल ” बच्चों के भोजन में जहरीला सांप ” ..
सियासी – वैचारिक जहर के कारोबारियों की सरपरस्ती वाली सरकार के शासन में बच्चों के खाने में अब पाया जाने लगा है जहरीला सांप .. समाज , सियासत और व्यवस्था में जहर घोलने वाले जहरीले नागों की सरकार है देश और बिहार में , इन लोगों के राज में हर अनर्थ संभव है .. पिछले बीस सालों में भ्रष्टाचार का विष कुछ ऐसा घोला गया है बिहार में कि सूबे की हरेक सरकारी व्यवस्था मृतप्राय हो चुकी है , इस मर चुकी व्यवस्था का ही नतीजा है बच्चों को जहरीले सांप वाले भोजन का परोसा जाना .. मगर कोई फर्क नहीं पड़ता ऐसी जानलेवा व् दुःखद घटनाओं से संवेदनहीन – विवेकहीन हो चुके बिहार की सरकार चलाने वाले बेशर्म – बेगैरत – बड़बोले बयानबाजों को .. विषाक्त मिड – डे मील की दर्जनों घटनायें हुई हैं बिहार में इन लोगों के शासनकाल में , अब तक लगभग सैंकड़ों बच्चों ने अपनी जान गंवाई है और अपने सारण के गंडामन की दर्दनाक घटना को न तो देश भूला है और ना ही बिहार ..
Mid-day Meal: भोजन में सांप के अवशेष मिलने से आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि संदिग्ध भोजन खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रशासन तथा भोजन आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। बलुआहा स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति एक एनजीओ के माध्यम से की जाती है, जो पहले से तैयार भोजन उपलब्ध कराता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और गुणवत्ता पर सवाल
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने भोजन के नमूनों की जांच कराने की बात कही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस मामले पर सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली है और सभी का स्थानीय पीएचसी में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। उन्होंने गुरुवार की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मध्य विद्यालय बलुआहा में फ़ूड पॉइजनिंग की शिकायत सामने आई थी, जिसकी वजह से कई बच्चे बीमार पड़े थे। ऐसे फ़ूड पॉइजनिंग के मामलों पर प्रशासन को और गंभीर होने की आवश्यकता है।
सिविल सर्जन ने आगे बताया कि बलुआहा के सभी बच्चों का उपचार कर दिया गया है और अधिकांश को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जिन बच्चों की हालत अधिक गंभीर थी, उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन अब वे भी खतरे से बाहर हैं। इन घटनाओं ने Mid-day Meal योजना की गंभीरता और उसके क्रियान्वयन पर नई बहस छेड़ दी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







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