



Sub-Inspector exam fraud: सपनों की फसल को कुचलने और मेहनत के माथे पर कालिख पोतने की साजिश रची जा रही थी, लेकिन सहरसा पुलिस ने समय रहते इस गोरखधंधे का पर्दाफाश कर दिया। दारोगा भर्ती परीक्षा में धांधली कर अभ्यर्थियों को फांसने की जुगत में लगे एक बड़े सिंडिकेट का सहरसा पुलिस ने इम्तिहान से पहले ही खुलासा कर कई जिंदगियों को बर्बाद होने से बचा लिया।
Sub-Inspector exam fraud: दारोगा भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार
Sub-Inspector exam fraud: ऐसे बिछाया गया था धोखाधड़ी का जाल
सहरसा पुलिस ने दारोगा भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने का झूठा झांसा देकर ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की आड़ में अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्न पत्र देने की योजना बना रहा था और उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने परीक्षा में होने वाली बड़ी धांधली को रोक दिया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित पांच अंतरजिला अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बताया कि यह गिरोह 21 जनवरी को होने वाली दारोगा भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को निशाना बना रहा था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
20 जनवरी की रात बनगांव थाना पुलिस को सूचना मिली कि रहुआ नहर के पास एक वाहन में कुछ अभ्यर्थियों को बैठाकर संदिग्ध गतिविधियां अंजाम दी जा रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद पड़ताल शुरू की। पूछताछ में यह सामने आया कि यह गिरोह दारोगा भर्ती परीक्षा में चयन कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से धन वसूली कर रहा था, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़: संदिग्ध वाहन और सूचना बनी आधार
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, इस दौरान गिरोह का मुख्य सरगना रामानंद ठाकुर उर्फ दौलत घटना के बाद से फरार होने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने दौलत की पत्नी कोमल कुमारी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रविन्द्र यादव (पिता सिकंदर यादव, निवासी अरसिया वार्ड नंबर आठ सौरबाजार), पप्पू कुमार (पिता बंशीधर साह, निवासी नरही बाजार वार्ड नंबर चार, थाना व जिला मधेपुरा), दिलखुश कुमार (पिता सिताराम, निवासी डिहटिया वार्ड नंबर छह, थाना ग्लवालपाड़ा, जिला मधेपुरा) और कोमल कुमारी (पति रामानंद ठाकुर उर्फ दौलत, निवासी महरास, थाना बनगांव, जिला सहरसा) शामिल हैं। इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह पूरा भर्ती परीक्षा घोटाला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से और घटनास्थल से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। बरामद की गई वस्तुओं में शामिल हैं:
- दो पीस एक हजार रुपये का ब्लैंक स्टांप पेपर।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ब्लैंक चेक।
- तीन पंजाब नेशनल बैंक का ब्लैंक चेक।
- एक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का पासबुक।
- एक डाकघर की पासबुक (खाताधारक कोमल कुमारी)।
- दस हजार रुपये का मनी ट्रांसफर रसीद।
- दो मोबाइल फोन।
- विभिन्न अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड एवं मार्कशीट।
पुलिस इस मामले में आगे की जांच-पड़ताल कर रही है और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। इस कार्रवाई में साइबर डीएसपी, बनगांव थानाध्यक्ष हरिचन्द्र ठाकुर, पुलिस पदाधिकारी सूर्यदेव यादव सहित जिला आसूचना इकाई के पुलिस पदाधिकारी व पुलिसकर्मी शामिल थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहें।




