Samastipur RPF: बिहार के समस्तीपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्टेशन स्थित हाजत से दो शराब तस्करों के फरार हो जाने के मामले में एक सब-इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना पूर्व मध्य रेल के लिए एक गंभीर सुरक्षा चूक मानी जा रही है, जिस पर विभाग ने तुरंत एक्शन लिया है।
समस्तीपुर RPF की बड़ी लापरवाही! हाजत से शराब तस्कर फरार, 4 पुलिसकर्मी तुरंत सस्पेंड
Bihar RPF: बिहार के बिहार में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हाजत से दो शराब तस्करों के फरार होने के मामले में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर चूक के बाद तत्काल प्रभाव से एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है, जिससे यह साफ हो गया है कि सुरक्षा में हुई लापरवाही को लेकर रेलवे प्रशासन बेहद सख्त है।






RPF हाजत की छत तोड़कर भागे तस्कर
यह घटना शनिवार तड़के की है, जब समस्तीपुर स्टेशन स्थित आरपीएफ के हाजत में बंद दोनों शराब तस्कर अचानक फरार हो गए। बताया जा रहा है कि तस्करों ने हाजत की छत का एल्बेस्टर्स (एस्बेस्टस शीट) खोलकर भागने में कामयाबी हासिल की। इस घटना से आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर इतनी आसानी से हाजत से कोई कैसे भाग सकता है।
क्या था पूरा मामला?
फरार हुए तस्करों को शुक्रवार की रात ही गिरफ्तार किया गया था। पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर स्टेशन स्थित वॉशिंग फीट के पास चेकिंग के दौरान इन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए शराब तस्करों की पहचान समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर मुहल्ला निवासी सौरभ कुमार सुमन और शहर के पेठिया गाछी मुहल्ला निवासी अर्जुन कुमार के रूप में हुई है। इनके पास से कुल 191 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में शराब के साथ पकड़े जाने के बाद इन्हें आरपीएफ हाजत में रखा गया था, जहां से इन्होंने भागने की घटना को अंजाम दिया।
सुरक्षा में लापरवाही पर रेलवे का कड़ा एक्शन
शराब तस्करों के हाजत से भागने की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। पूर्व मध्य रेल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला सुरक्षा में हुई चूक और ड्यूटी में लापरवाही को देखते हुए लिया गया है। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा बल की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जांच जारी है।
इस घटना के बाद आरपीएफ ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।
कैसे पकड़े गए थे तस्कर?
पूर्व मध्य रेल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह पूरा मामला शुक्रवार रात का है। समस्तीपुर स्टेशन के वॉशिंग फीट पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर मुहल्ला निवासी सौरभ कुमार सुमन और शहर के पेठिया गाछी मुहल्ला निवासी अर्जुन कुमार को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों के पास से 191 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई थी। निलंबित किए गए कर्मियों में सब इंस्पेक्टर पी.के. चौधरी, मनोज साह, राधेश्याम और दीपक कुमार शामिल हैं।
हाजत से फरार होने की पूरी कहानी
गिरफ्तारी के बाद दोनों शराब तस्करों, सौरभ कुमार सुमन और अर्जुन कुमार को रेलवे सुरक्षा बल के हाजत में रखा गया था। शनिवार को तड़के सुबह दोनों ने हाजत की छत का एल्बेस्टस खोल दिया और वहां से फरार हो गए। आरपीएफ की हाजत से इस तरह तस्करों का भाग जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लापरवाही पर तुरंत हुई कार्रवाई
इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तत्काल प्रभाव से एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार आरपीएफ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पूर्व मध्य रेल के अधिकारियों द्वारा की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और खासकर आरपीएफ की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरार हुए शराब तस्करों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, वहीं निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।








