
बिहार में अगले चार दिन सर्दी के सितम होंगे। क्योंकि बिहार की ठंड बड़ी मोचंड हो गई है। इसने इस सीजन के सभी रिकार्ड तोड़ डाले हैं। साथ ही अगले 4 दिन की जो मौसम अलर्ट है वह यही है कि कहीं से भी राहत की उम्मीद नहीं है। बुधवार को भी कोहरे की घनी चादर बिछी वाली फोटो मौसम विभाग ने सैटेलाइट से जारी की है। इसमें पूरा बिहार कोहरे की चादर में लिपटा है।
मौसम विभाग की मानें तो अगले चार दिनों तक बिहार में ठंड से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान 8 से लेकर 10 डिग्री के बीच बना रहेगा। पटना की बात करें तो यहां भी सर्दी का सितम लगातार जारी है। पारा सामान्य से 5 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। मुजफ्फरपुर में ठंड ने पिछले 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री तक पहुंच गया है।
ऐसे में अगले 72 घंटे तक ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने दो दिनों तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा शुक्रवार से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। ऐसे में कड़ाके की ठंड में और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है। पूरे बिहार में प्रचंड ठंड की वजह से जनजीवन अस्तव्स्त हो गया है।
प्रदेश में उत्तरी और उत्तर-पछुआ की हवा सतह से 1.5 किमी ऊपर बनी हुई है। इसकी गति 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा है। वहीं प्रदेश सहित मध्य भारत में प्रति चक्रवात के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक पूरे बिहार में कड़ाके की ठंड रहेगी। 4-5 जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी रह सकती है। न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
राज्य में मौसम विभाग की ओर से जारी यह सैटेलाइट तस्वीर बुधवार सुबह 8 बजे की है। बिहार समेत उत्तर भारत के अधिकांश इलाके कोहरे की चपेट में हैं। विजिबिलिटी घटने से विमान, रेल और सड़क यातायात सेवाएं आज भी प्रभावित हुई हैं। राज्य में फिलहाल शीतलहर का सितम बने रहने के आसार हैं।
ठंडी हवाओं के चलते राज्य में अब रातों के साथ-साथ दिन भी सर्द हो गए हैं। मंगलवार को पटना में अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री नीचे रहा। मध्य भारत में प्रति चक्रवात के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड रहने का अनुमान है। सूबे में सतह पर हवा की गति बहुत कम होने और आद्रता 90 प्रतिशत से अधिक रहने के कारण घना कोहरा छाया रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो राज्य में पछुआ और उत्तर पछुआ हवा के प्रवाह की वजह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच दूरियां कम हो गई हैं। इसकी वजह से कोल्ड डे के हालात उत्पन्न हो गए हैं। वहीं ठंड ने इस सीजन का अब तक का सभी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पहली बार अधिकतम तापमान 14 डिग्री से नीचे पहुंच गया है।







